उतरौला बलरामपुर- थाना सादुल्लाह नगर क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार शाहिद हुसैन सिद्दीकी के असामयिक मौत से पत्रकार समाज में दुःख का माहौल बना हुआ है उनके निधन की खबर से तहसील क्षेत्र के सभी पत्रकारों व सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में शोक की लहर दौड़ गई। *प्रेस कार्यालय में शोक सभा आयोजित किया गया*
मंगलवार को प्रेस मीडिया कार्यालय उतरौला में शोक सभा का आयोजन किया गया। पत्रकारों और सामाजिक लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की, और उन्हें भाव भीनी श्रद्धांजलि अर्पित भी की गई। शोक सभा में जिला अध्यक्ष आलो क कुमार गुप्ता, तहसी ल अध्यक्ष नूर मोहम्मद, महामंत्री गिरीश मिश्रा, राजन श्रीवास्तव, नाजि र मलिक, असगर अली शाह अनिल कुमार गुप्ता, मोहम्मद इसरा इल शाह, बजरंगी गुप्ता, इमरान अली शाह, आशीष कुमार कशौधन, वाजिद अली सुशील कुमार श्रीवास्त व, हरीश कुमार गुप्ता, सुरेन्द्र कुमार उर्फ मुन्ना श्रीवास्तव, मोहम्मद अय्यूब, रिषभ कुमार श्रीवास्तव, नरेन्द्र कुमार पटवा, के अलावा दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे। *ये निष्पक्ष पत्रकारिता के रहे प्रतीक* तहसील अध्यक्ष नूर मोहम्मद ने कहा कि शाहीद हुसैन सिद्दीकी ने अपने पत्र कारिता जीवन में निष्प क्षता, निर्भीकता और सामाजिक सरोकारों को हमेशा प्राथमिकता दी। उन्होंने हिन्दुस्तान, राष्ट्रीय सहारा, दैनिक भास्कर और मानवा धिकार से जुड़े पत्र पत्रिकाओं में लेखन भी किया। उनकी खबरों में हमेशा आमजन की पीड़ा और दबे कुचले वर्ग की आवाज को प्रमुखता से प्रकाशित करते थी। राजन श्रीवास्तव ने कहा कि वह केवल पत्रकार नहीं बल्कि नई पीढ़ी केमार्ग दर्शक भी थे, पत्रकारि ता को उन्होंने समाज सेवा का माध्यम माना। उनकी सरलता और बेबाक लेखनी उन्हें अलग पहचान दिलाती थी। महामंत्री गिरीश चन्द्र मिश्रा ने कहा कि शाहिद हुसैन सिद्दीकी का जीवन संघर्ष, ईमानदारी और जन सरोकारों के प्रति समर्पण का उदाहरण था। उनके निधन से क्षेत्रीय पत्रकारिता को अपूर्णीय क्षति हुई है।
वे अपने पीछे तीन बेटियां और भरा पूरा परिवार को छोड़ गए हैं। परिवार का रो रोकर बुरा हाल हो रहा है। पत्रकार साथियों नेकहा कि उनका योगदान लम्बे समय तक ही याद किया जाएगा।
हिन्दी संवाद न्यूज से
असगर अली की खबर
बलरामपुर।
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