ब्लॉक ऑफिस में सफाईकर्मियों से बाबूगिरी का आरोप, ADO ने स्वीकारा तो BDO ने किया खंडन

एडीओ (पंचायत ) ऑफिस में कार्यरत सफाईकर्मी 


जलालपुर, अम्बेडकरनगर।

विकासखंड जलालपुर में सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांवों में गंदगी का अंबार लगा है, जबकि सफाईकर्मियों को उनके मूल कार्य से हटाकर ब्लॉक कार्यालय में तैनात कर दिया गया है।


स्थानीय लोगों के अनुसार, ब्लॉक मुख्यालय पर करीब 8 से 10 सफाईकर्मी विभिन्न कार्यालयी कार्यों में लगे हुए हैं। इनमें कंप्यूटर संचालन, रजिस्टर संधारण, जन्म प्रमाण पत्र व परिवार रजिस्टर तैयार करने जैसे कार्य शामिल हैं। इससे गांवों की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई कर्मचारी दिव्यांग है या गंभीर बीमारी से ग्रसित है, तो उसे कार्यालय में अटैच करना उचित हो सकता है। लेकिन सक्षम सफाईकर्मियों से दफ्तर का काम लेना नियमों के विपरीत है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।


वहीं, वायरल फोटो में सफाई कर्मचारियों के साथ कार्यालय में काम करते दिख रहे एडीओ बृजेश कुमार तिवारी ने स्वीकार किया कि सफाईकर्मियों से कार्यालय के कार्य लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनसे बाबू के रूप में भी काम कराया जा सकता है।


इधर, खंड विकास अधिकारी दिनेश राम ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ब्लॉक मुख्यालय पर किसी भी सफाई कर्मचारी की कार्यालय में तैनाती नहीं है और सभी अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में कार्यरत हैं। हालांकि, जब उनसे मामले में विस्तार से स्पष्टीकरण मांगा गया तो उन्होंने एडीओ पंचायत से जानकारी लेने की बात कहकर सीधा जवाब देने से परहेज किया।


एक ओर अधिकारियों का खंडन, तो दूसरी ओर कर्मचारियों द्वारा स्वीकारोक्ति—ऐसे में सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल, गांवों की बदहाल सफाई व्यवस्था प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े कर रही है।



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