25 साल की सेवा के बाद विदाई: नम आंखें, भरे गले और यादों के सैलाब में एक युग की समाप्ति
जलालपुर (अम्बेडकरनगर)।
नगर स्थित प्रतिष्ठित रेडिएंट एकेडमी का माहौल मंगलवार को उस समय भावुक हो उठा, जब विद्यालय के दो समर्पित शिक्षक—पीजीटी हिंदी आर.के. मौर्य और टीजीटी हिंदी हरिओम श्रीवास्तव को 25 वर्षों की लंबी सेवा के बाद विदाई दी गई। यह सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यादों, सम्मान और भावनाओं से भरा एक ऐसा पल था, जिसे हर किसी ने दिल से महसूस किया।
विद्यालय के पुस्तकालय में आयोजित समारोह में जैसे ही दोनों शिक्षकों को मंच पर बुलाया गया, तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कई आंखें नम हो उठीं। माल्यार्पण, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट करते समय सहकर्मियों के चेहरे पर मुस्कान थी, लेकिन दिल में बिछड़ने का दर्द साफ झलक रहा था।
समारोह में विद्यालय समिति के अध्यक्ष विनोद यादव, प्रबंधक निशी यादव, निदेशक गौरव कुमार, प्रधानाचार्य अखिलेश शुक्ला, उप-प्रधानाचार्य सचिंद्र उत्तम व सुधीर सलारिया समेत सभी शिक्षकों ने दोनों गुरुजनों के योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि आर.के. मौर्य न केवल संस्थापक शिक्षकों में रहे, बल्कि उन्होंने विद्यालय की नींव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। वहीं हरिओम श्रीवास्तव अपनी सरलता, अनुशासन और समर्पण के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।
जब दोनों शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए, तो शब्द कम पड़ गए और भावनाएं हावी हो गईं। उन्होंने विद्यालय को परिवार बताते हुए कहा कि यहां बिताया हर पल उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी रहेगा। साथ ही उन्होंने सभी से विद्यालय की प्रगति के लिए मिलकर काम करते रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य अखिलेश शुक्ला ने दोनों शिक्षकों को सम्मानित करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद और सफल जीवन की कामना की।
इस विदाई ने एक बार फिर यह एहसास दिलाया कि शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं, बल्कि पीढ़ियां गढ़ते हैं—और जब ऐसे शिक्षक विदा होते हैं, तो सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि एक युग समाप्त होता है।
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