आर्य प्रतिनिधि सभा में फर्जी हस्ताक्षर का विवाद, पूर्व मंत्री पर FIR की मांग
लखनऊ। आर्य प्रतिनिधि सभा, उत्तर प्रदेश में कथित फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। सभा प्रधान आचार्य स्वदेश ने थाना हजरतगंज में प्रार्थना पत्र देकर संस्था के पूर्व मंत्री भुवन तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, भुवन तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने संस्था के लेटरहेड और पद का दुरुपयोग करते हुए सभा प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर कर कई पत्र जारी किए। आरोपित पत्रों में पत्रांक संख्या 417 एवं 426 से संबंधित दस्तावेजों का उल्लेख किया गया है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि संस्था के महत्वपूर्ण अभिलेखों और कार्यालयीय दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल की आशंका है, जिससे संस्था की छवि और कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन दस्तावेजों के जरिए कुछ लोग अनुचित लाभ लेने का प्रयास कर सकते हैं।
मामले को लेकर 19 अप्रैल 2026 को संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक भी आयोजित की गई थी। शिकायत पक्ष का दावा है कि बैठक में भुवन तिवारी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पद से इस्तीफा देने की बात कही थी।
वहीं, पूर्व सभा मंत्री भुवन तिवारी ने सभी आरोपों को निराधार और राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि सभा प्रधान आचार्य स्वदेश बाबा रामदेव और पतंजलि योगपीठ के प्रभाव में काम कर रहे हैं तथा आर्य समाज की संपत्तियों को पतंजलि योगपीठ को सौंपने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका उन्होंने विरोध किया था। इसी कारण उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उमेश चन्द्र तिवारी 
9129813351
हिंदी संवाद न्यूज़ 
भारत 

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