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राजनैतिक व्यंग्य-समागम

*राजनैतिक व्यंग्य-समागम* *1. माफी मांगने का नहीं, मंगवाने का रोग : विष्णु नागर* इन्हें तो अपने …

माफ़ी का स्वांग : प्रतिशोध का एलान

*माफ़ी का स्वांग : प्रतिशोध का एलान* *(आलेख : बादल सरोज)* हजारों करोड़ रूपये और न जाने कितने करोड़…

मिलावटी पेट्रोल बेचने का कॉर्पोरेट खेल

*नागरिक परिक्रमा* *(संजय पराते की राजनैतिक टिप्पणियां)* *1. मिलावटी पेट्रोल बेचने का कॉर्पोरेट खे…

गोदी से लठैत भये, पब्लिक लीने दौड़ाय!

*गोदी से लठैत भये, पब्लिक लीने दौड़ाय!*  *(आलेख : राजेंद्र शर्मा)*  जंतर-मंतर पर केंद्रित जेन जी…

शिव का अर्थ ही है परम कल्याणकारी

लेखक-: *डॉ. जयशंकर प्रसाद शुक्ल*  *(वरिष्ठ पत्रकार)* लखनऊ। *शिव का अर्थ ही है परम कल्याणकारी* *श्…

मुख्य न्यायाधीश के लिए एक खुला खत : विष्णु नागर

*राजनैतिक व्यंग्य-समागम* *1. मुख्य न्यायाधीश के लिए एक खुला खत : विष्णु नागर* मुख्य न्यायाधीश ज…

क्या अहिंसा और सत्याग्रह वाले आंदोलन मोदी सरकार के सामने टिक सकते हैं?

*प्रकाशनार्थ* *क्या अहिंसा और सत्याग्रह वाले आंदोलन मोदी सरकार के सामने टिक सकते हैं?* *(आलेख : क…

तोड़-फोड़ के मदमस्त हाथी पर सवार भाजपा की ओछी राजनीति

*नागरिक परिक्रमा* *(संजय पराते की राजनैतिक टिप्पणियां)* *1. तोड़-फोड़ के मदमस्त हाथी पर सवार भाजप…

केरलम् बजट : खोखले दावे और भ्रष्टाचार की कहानियाँ - आलेख : डॉ. टी.एम. थॉमस इसाक, अंग्रेजी से अनुवाद : संजय पराते

*केरलम् बजट : खोखले दावे और भ्रष्टाचार की कहानियाँ* *(आलेख : डॉ. टी.एम. थॉमस इसाक, अंग्रेजी से …

बढ़ती ग़रीबी : पूंजीवाद, रोज़गार और इतिहास - आलेख : प्रभात पटनायक, अंग्रेजी से अनुवाद : राजेंद्र शर्मा

*बढ़ती ग़रीबी : पूंजीवाद, रोज़गार और इतिहास* *(आलेख : प्रभात पटनायक, अंग्रेजी से अनुवाद : राजेंद्…

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