बस्ती से लापता सब-इंस्पेक्टर का शव अयोध्या में सरयू नदी किनारे मिला, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

परिजनों में मचा कोहराम, महकमे में सुरक्षा और मानसिक दबाव जैसे मुद्दों पर भी सवाल




बस्ती। बस्ती जिले के थाना परशुरामपुर से बीते 72 घंटे से लापता चल रहे सब-इंस्पेक्टर अजय कुमार गौड़ का शव अयोध्या जनपद के तिहुरा माझा क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे बरामद हुआ है। अयोध्या कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान की पुष्टि की और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर अजय कुमार गौड़ मूल रूप से देवरिया जिले के निवासी थे और बस्ती के थाना परशुरामपुर में तैनात थे। वह पिछले तीन दिनों से लापता थे, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। उनकी तलाश के दौरान उनकी बाइक बस्ती के अमहट घाट के पास मिली थी, जिसके बाद सरयू नदी में गोताखोरों की मदद से व्यापक खोजबीन की जा रही थी। खोज के क्रम में रविवार को अयोध्या के तिहुरा माझा क्षेत्र में सरयू नदी के पास एक शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची अयोध्या कोतवाली पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और पहचान कराई, जिसमें शव सब-इंस्पेक्टर अजय कुमार गौड़ का होना सुनिश्चित हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, पुलिस अधिकारी और परिजन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। फिलहाल मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। वरिष्ठ उप निरीक्षक अजय गौड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। बीते 5 फरवरी को #रहस्यमय ढंग से लापता हुए अजय गौड़ का शव तीसरे दिन #अयोध्या में सरयू नदी से बरामद होने के बाद पूरे विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, परशुरामपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक विश्व मोहन राय अवकाश पर थे, ऐसे में एसएसआई अजय गौड़ को थाना प्रभारी का कार्यभार सौंपा गया था। इसी दौरान 5 फरवरी को अजय गौड़ अचानक लापता हो गए। जब काफी देर तक उनका कोई संपर्क नहीं हो सका तो महकमे में चिंता बढ़ गई। लापता होने की सूचना मिलते ही छुट्टी पर गए एसओ विश्व मोहन राय ने तत्काल अपना अवकाश निरस्त कराया और थाने पहुंचकर मामले की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस द्वारा बड़े स्तर पर खोज अभियान शुरू किया गया। पुलिस को जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज मिले, जिनमें अजय गौड़ को बस्ती मुख्यालय तक जाते हुए देखा गया, लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। खोजबीन के दौरान उनकी सरकारी गाड़ी #कुवानों नदी के किनारे लावारिस हालत में मिली, जिससे किसी अनहोनी की आशंका और गहरा गई। लगातार तीसरे दिन चले खोज अभियान के बाद अयोध्या में सरयू नदी से एक शव बरामद हुआ,जिसकी पहचान एसएसआई अजय गौड़ के रूप में हुई। शव मिलने की खबर से जहां परिजनों की उम्मीदें टूट गईं, वहीं पुलिस महकमे में गहरा शोक छा गया। अजय गौड़ की आख़िरी यात्रा अब भी रहस्य बनी हुई है। वह बस्ती से अयोध्या कैसे पहुंचे, किन परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हुई, और इसके लिए कौन जिम्मेदार है—इन तमाम सवालों के जवाब फिलहाल जांच फाइलों में खाली हैं। दिन-रात चले सर्च #ऑपरेशन के बावजूद अब तक घटना के ठोस कारण सामने नहीं आ सके हैं। पुलिस विभाग मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और हर पहलू पर पड़ताल की जा रही है। एसएसआई अजय गौड़ की मौत से परशुरामपुर थाना मातम में डूबा है। सहकर्मी गमगीन हैं, आंखें नम हैं और एक होनहार, कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी को खोने का दर्द हर चेहरे पर साफ झलक रहा है। इस घटना ने न सिर्फ बस्ती पुलिस को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पूरे महकमे में सुरक्षा और मानसिक दबाव जैसे मुद्दों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग में शोक की लहर है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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