बलरामपुर - संवाददाता सम्मेलन में विकसित भारत 2047 का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसको लेकर एमएलकेपीजी कॉलेज कैंपस में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह एवं विश्वविद्यालय की विकसित भारत 2047 पर बनी समिति ने प्रेस वार्ता कर समाज के बुद्धिजीवियों से सुझाव मांगे हैं ताकि उसे सुझाव के माध्यम से जिले का विकास तेजी से किया जा सके। 
     प्रेस वार्ता के दौरान कुलपति ने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य सिर्फ शासन का नहीं बल्कि प्रत्येक जनमानस का होना चाहिए यह सरकारी योजना न होकर एक अभियान होना चाहिए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के असीम संभावनाओं को जनमानत से सुझाव के रूप में लेकर उसका क्रियान्वयन करना है ताकि जिला विकास की ओर आगे बढ़ेगा जब जिला विकसित होगा तो प्रदेश और देश तरक्की के साथ विकसित भारत 2047 का लक्ष्य हासिल करने में देर नहीं लगेगी। कुलपति ने प्रेस वार्ता के दौरान विश्वविद्यालय से बनी हुई विकसित भारत 2047 की समिति से अलग-अलग क्षेत्र में विकास की संभावनाओं के सुझाव मांगे हैं। इसमें बलरामपुर जिले में प्रमुख सेक्टर कृषि एवं संबंध सेक्टर पशुधन संरक्षण अवस्थापना शामिल है इस पर समिति को कार्य करते हुए सुझाव देना है यह सुझाव विश्वविद्यालय से गठित समिति को लिखित तौर पर पत्राचार माध्यम से भी दिया जा सकता है जो सुझाव समाज के बुद्धिजीवियों से मिलेगा उसे पर विचार जरूर होगा कोई भी सुझाव अछूता नहीं रहेगा। समिति अध्यक्ष महाविद्यालय प्राचार्य डॉ जेपी पांडेय को बनाया गया है। संयोजक सहायक महाप्रबंधक तुलसीपुर चीनी मिल के आशीष प्रताप सिंह को बनाया गया है। सदस्य के रूप में बलरामपुर चीनी मिल अधिशासी अध्यक्ष के के बाजपेई, उद्योगपति सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम वर्मा उद्योगपति प्रभातेन्द्र केसरवानी गन्ना किसान सतीश चंद्र पांडेय, थारू नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता मनोहर लाल थारू शामिल है। इन सभी को अपने-अपने क्षेत्र से विकास की संभावनाएं एवं समस्याओं पर सुझाव मांगे गए हैं यह अपने क्षेत्र से जुड़ी हुई समस्या एवं असीम संभावनाओं पर सुझाव देंगे समिति से मिले सुझाव को शासन स्तर पर रखकर उसका क्रियान्वयन किया जाएगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय कुलसचिव परमानंद सिंह ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्रेस वार्ता के दौरान साझा किया है। इस दौरान महाविद्यालय के प्रोफेसर श्री प्रकाश मिश्रा विश्वविद्यालय के समिति पदाधिकारी एवं विश्वविद्यालय वित्त समिति सदस्य सर्वेश सिंह, बीसीएम यूनिट तुलसीपुर सहायक महाप्रबंधक आशीष सिंह महाविद्यालय प्रोफेसर पी के सिंह ,प्रो0 रेखा विश्वकर्मा डॉ सुनील शुक्ला सहित अन्य प्रोफेसर ने भी अपने विचार व सुझाव समिति को दिया है।

                हिन्दी संवाद न्यूज से
                 रिपोर्टर वी. संघर्ष
                    बलरामपुर। 

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