बलरामपुर- मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर को हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए विभिन्न प्रजातियों के पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण कराने के निर्देश भी दिए।
विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य तेज गति से अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। निरीक्षण के दौरान कुलपति के साथ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार परमानंद सिंह भी मौजूद रहे। सबसे पहले उन्होंने परिसर के खुले स्थानों का निरीक्षण करते हुए विभिन्न प्रजातियों के छायादार एवं सजावटी पौधे लगाने की योजना तैयार करने को कहा।
इसके बाद कुलपति ने प्रशासनिक भवन का निरीक्षण किया और अवशेष कार्यों को शीघ्र पूरा कर भवन को उपयोग के लिए तैयार करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के महाप्रबंधक कन्हैया लाल झा तथा प्रोजेक्ट मैनेजर वी.पी. सिंह भी उपस्थित रहे। कुलपति ने महाप्रबंधक से आग्रह किया कि शेष सभी कार्य निर्धारित समय में पूर्ण किए जाएं, जिससे विश्वविद्यालय का संचालन शीघ्र अपने नए परिसर से प्रारंभ किया जा सके।
महाप्रबंधक कन्हैया लाल झा ने आश्वस्त किया कि 15 जुलाई तक प्रशासनिक भवन पूरी तरह तैयार हो जाएगा और कुलपति कार्यालय का संचालन वहां से शुरू किया जा सकेगा। वहीं प्रोजेक्ट मैनेजर वी.पी. सिंह ने बताया कि 15 जुलाई तक एकेडमिक भवन भी कक्षाओं के संचालन के लिए पूर्णतः तैयार हो जाएगा। कुलपति ने एकेडमिक भवन के सामने भी व्यापक वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कुलपति आवास का भी अवलोकन किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद शीघ्र ही पूरा परिसर विश्वविद्यालय को हस्तांतरित कर दिया जाएगा, जिससे सभी प्रशासनिक गतिविधियां एवं शैक्षणिक कक्षाओं का संचालन नए परिसर से प्रारंभ किया जा सके।
इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने कहा कि बहुत जल्द मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय अपनी सभी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का संचालन नवनिर्मित परिसर से प्रारंभ करेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय के लिए अपनी भूमि उपलब्ध कराने वाले स्थानीय किसानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय उनके योगदान का सदैव सम्मान करेगा। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने विश्वविद्यालय के पक्ष में अपनी भूमि का बैनामा किया है, उनके साथ शीघ्र ही एक सम्मान एवं संवाद बैठक आयोजित की जाएगी।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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