कर्नलगंज: उभरते समाजसेवी अहमद ‘भैया’ बने मुस्लिम चेहरे की पहली पसंद, मोहर्रम पर दिखा जनाधार

'पद की चाह नहीं, सेवा का जज्बा है’— मोहम्मद अहमद प्रधान ने की साफगोई

2028 के नगर पालिका चुनाव से पहले कर्नलगंज में सियासी सुगबुगाहट तेज, क्या होगा बड़ा फेरबदल?  





कर्नलगंज (गोण्डा), विशेष संवाददाता। मोहर्रम 1448 हिजरी के मौके पर कर्नलगंज नगर पालिका परिषद के चेयरमैन पद के संभावित प्रत्याशी मोहम्मद अहमद ‘प्रधान’ की लोकप्रियता खुलकर सामने आई है। ‘यादगारे हुसैन’ के बैनर-पोस्टरों और युवा टीम के साथ उनकी सक्रियता ने शहर की सियासी फिजा बदल दी है। मुस्लिम समाज में ‘अहमद भैया’ के नाम से मशहूर मोहम्मद अहमद अब हर वर्ग की पहली पसंद बनते दिख रहे हैं।  


मोहर्रम पर दिखा ‘प्रधान’ का जनाधार


नगर में लगे पोस्टरों में ‘कर्बला का पैगाम दुनिया-ए-इंसानियत के नाम’ और ‘दर्दे हुसैन मिलते हैं हर ख्याल के लोग’ जैसे संदेशों के साथ मोहम्मद अहमद ‘प्रधान’ की तस्वीरें छाई हुई हैं। एक पोस्टर में उनके साथ इबरार अहमद, वाजिद अंसारी, शाहिबे आलम, कैफ अंसारी व फैसल खान की युवा टीम है, तो दूसरे में मो. जाबिर, मो. रिजवान, मो. गुफरान और अशरफ राईनी साथ दिख रहे हैं। इसी के साथ ही हाजी शब्बीर अंसारी (ठेकेदार)  आफताब आलम, जुनैद सर्राफा, रुस्तम राईनी, नौशाद अंसारी, इश्तियाक, आतिफ कुरैशी, फिदा हुसैन अंसारी, रिजवान सभासद, राहत सभासद प्रत्याशी भैरव बाबा, अल्ताफ राईन, नसीम हाशमी, हसन अंसारी सहित तमाम लोगों का जनसमर्थन, सहयोग मिल रहा है। मोहर्रम के जुलूसों में भी ‘अहमद भैया’ लगातार शामिल हुए और लोगों से मुलाकात की। तीसरी तस्वीर में साफा बांधे उनका अंदाज युवाओं को खास पसंद आ रहा है।  


‘सेवा पहला मकसद, कुर्सी नहीं’

 

मोहम्मद अहमद ‘प्रधान’ ने कहा, “मुझे पद की चाह नहीं है। मेरा मकसद सिर्फ लोगों की खिदमत करना है। कर्बला हमें इंसानियत, सब्र और हक के लिए खड़े होने का पैगाम देता है। मैं उसी रास्ते पर चलकर कर्नलगंज के हर गरीब, मजलूम और जरूरतमंद के साथ खड़ा रहूंगा।” उन्होंने कहा कि नगर में साफ-सफाई, जलभराव, शिक्षा और रोजगार उनकी प्राथमिकता है।  


2028 में होगा बड़ा फेरबदल?

 

नगर पालिका कर्नलगंज का चुनाव 2028 में होना है, लेकिन मोहर्रम पर दिखे जनसमर्थन ने सियासी पंडितों के कान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि ‘अहमद भैया’ की साफ छवि और युवाओं की टीम 2028 में बड़ा उलटफेर कर सकती है। मुस्लिम चेहरों में वे इस वक्त सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। समर्थकों का दावा है कि हर समाज के लोग अब ‘प्रधान’ के साथ जुड़ रहे हैं।  

मोहर्रम के बहाने कर्नलगंज की सड़कों पर जो सियासी इबारत लिखी गई है, उसने 2028 के चुनाव का ट्रेलर दिखा दिया है। ‘अहमद भैया’ की लोकप्रियता और ‘पद नहीं सेवा’ का नारा अगर इसी तरह परवान चढ़ा तो नगर पालिका की कुर्सी पर बड़ा फेरबदल तय है।

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