मुख्यमंत्री तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने उ0प्र0 में
राष्ट्रीय राजमार्गों एवं सड़क अवसंरचना से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की

आधुनिक सड़क अवसंरचना विकसित उ0प्र0 की आधारशिला, इसके माध्यम से
निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, व्यापार तथा रोजगार को नई गति मिलेगी : मुख्यमंत्री

उ0प्र0 में सड़क अवसंरचना का तेजी से हो रहा विस्तार प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को नई गति देगा, बेहतर राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदेश में निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगे

प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को उत्तर से दक्षिण तक उच्च क्षमता वाले सड़क नेटवर्क से जोड़ना
आर्थिक विकास, औद्योगिक निवेश और संतुलित क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण

यह परियोजनाएं केवल सड़क सम्पर्क को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं, बल्कि भारत की
सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करेंगी

प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र को उच्च गुणवत्ता वाली सड़क सुविधा उपलब्ध कराना तथा धार्मिक व
आध्यात्मिक पर्यटन को आधुनिक परिवहन सुविधाओं से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता

उ0प्र0 देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनकर उभरा, इसलिए
राज्य में विश्वस्तरीय सड़क सम्पर्क विकसित करना केन्द्र सरकार की
सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल : केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री

वृक्षों को काटने के बजाय आधुनिक तकनीक से उनका प्रत्यारोपण किया जाना चाहिए,
विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता

सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, प्रत्येक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में
सुरक्षित अभिकल्प, ब्लैक स्पॉट के वैज्ञानिक सुधार, आधुनिक संकेतक व्यवस्था
तथा सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए

मुरादाबाद, अलीगढ़, देवीपाटन, झाँसी, मीरजापुर और सहारनपुर में रिंग रोड तथा फर्रुखाबाद,
श्रावस्ती और महराजगंज में बाईपास निर्माण के प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया

प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर लगभग 1.94 लाख करोड़ रु0 व्यय,
जिनमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 23,445 करोड़ रु0 का निवेश शामिल

वर्ष 2014 के बाद उ0प्र0 में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास को अभूतपूर्व गति मिली,
लगभग 10,204 कि0मी0 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का आवंटन,
लगभग 9,329 कि0मी0 सड़कों का निर्माण पूर्ण

लखनऊ : 13 जुलाई, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज यहाँ आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों एवं सड़क अवसंरचना से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एन0एच0ए0आई0), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आधुनिक सड़क अवसंरचना विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला है। इसके माध्यम से निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, व्यापार तथा रोजगार को नई गति मिलेगी। केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनकर उभरा है। इसलिए राज्य में विश्वस्तरीय सड़क सम्पर्क विकसित करना केन्द्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, उपयोगिताओं के स्थानान्तरण तथा अन्य विभागीय औपचारिकताओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करते हुए सभी परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए।
अध्यक्ष, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बैठक में बताया कि वर्ष 2014 के बाद उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। इस अवधि में लगभग 10,204 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का आवंटन किया गया, जबकि लगभग 9,329 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। अप्रैल, 2025 से मई, 2026 के मध्य 606 किलोमीटर नई परियोजनाएं स्वीकृत हुईं तथा 1,010 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण पूरा किया गया।
प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर लगभग 1.94 लाख करोड़ रुपये व्यय किए गए, जिनमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 23,445 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। यह भी बताया गया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स, ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के लिए रॉयल्टी मुक्त मिट्टी की व्यवस्था, रिंग रोड एवं बाईपास परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण लागत में राज्य सरकार की भागीदारी तथा सरकारी भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने जैसे निर्णयों से परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। केन्द्रीय मंत्री ने इन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार के प्रभावी समन्वय का सकारात्मक परिणाम परियोजनाओं की प्रगति में स्पष्ट दिखायी दे रहा है।
बैठक में प्रदेश की प्रमुख निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए बताया गया कि लगभग 13,980 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही मथुरा-बरेली-सितारगंज 4-लेन परियोजना, लगभग 5,904 करोड़ रुपये की आगरा-अलीगढ़ 4-लेन परियोजना, आगरा-ग्वालियर-झाँसी-नागपुर आर्थिक गलियारा, कानपुर रिंग रोड, नोएडा अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, जेवर को जोड़ने वाली 6-लेन सम्पर्क परियोजना तथा मुरादाबाद-काशीपुर 4-लेन एवं 6-लेन परियोजना निर्धारित समय-सीमा के अनुसार आगे बढ़ रही हैं। इनके पूरा होने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड तथा औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केन्द्रों के बीच सम्पर्क और अधिक सुदृढ़ होगा।
समीक्षा के दौरान बरेली बाईपास में वृक्षों की कटान के विषय पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि वृक्षों को काटने के बजाय आधुनिक तकनीक के माध्यम से उनका प्रत्यारोपण किया जाना चाहिए। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है।
बैठक में पूर्वी, मध्य और बुन्देलखण्ड क्षेत्र की सम्पर्क व्यवस्था को मजबूत करने वाली परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। सम्बन्धित अधिकारियों ने अवगत कराया कि सोनौली-गोरखपुर 4-लेन परियोजना, गाजीपुर-बलिया-बिहार सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रयागराज सदर्न रिंग रोड तथा प्रयागराज-जौनपुर-आजमगढ़-दोहरीघाट राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारे का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। इनके पूरा होने से भारत-नेपाल सीमा, बौद्ध पर्यटन सर्किट, पूर्वांचल तथा बिहार के साथ सम्पर्क सुदृढ़ होगा तथा व्यापार, पर्यटन और माल परिवहन को नई गति मिलेगी। इसी क्रम में अयोध्या रिंग रोड की प्रगति की समीक्षा करते हुए अवगत कराया गया कि इससे श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर, महर्षि वाल्मीकि अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तथा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक निर्बाध सम्पर्क उपलब्ध होगा और शहर में यातायात का दबाव भी कम होगा।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने अवगत कराया कि राम वनगमन मार्ग, राम जानकी मार्ग तथा 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से अयोध्या, चित्रकूट, प्रयागराज, कौशाम्बी, जनकपुर (नेपाल) तथा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक आधुनिक सड़क सम्पर्क उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह परियोजनाएँ केवल सड़क सम्पर्क को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करेंगी।
बैठक में भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अयोध्या-गोण्डा तथा रीवा-रांची 04-लेन राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। साथ ही, शामली से गोरखपुर तक प्रस्तावित लगभग 742 किलोमीटर लम्बे 4-लेन एक्सेस कण्ट्रोल्ड राष्ट्रीय राजमार्ग की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी कॉरिडोर पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सम्पर्क को नई दिशा देगा तथा औद्योगिक विकास, निवेश, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और सामरिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
बैठक में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अन्तर्गत स्वीकृत एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि देवा-फतेहपुर 4-लेन परियोजना, वृन्दावन बाईपास, कसया-पनियहवा राष्ट्रीय राजमार्ग, हड़िया चौराहा-करमैनी घाट मार्ग, कोदरकूट-बेला चौक मार्ग, कर्नलगंज एवं पश्चिमी गोण्डा बाईपास तथा कानपुर में रामादेवी से गोल चौराहा तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर सहित अनेक परियोजनाओं की प्रक्रियाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, उपयोगिताओं के स्थानान्तरण तथा अन्य विभागीय औपचारिकताओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि सभी परियोजनाओं का निर्माण निर्धारित समय-सीमा में प्रारम्भ और पूर्ण हो सके। बैठक में बताया गया कि लगभग 267 किलोमीटर लम्बाई की 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएँ निविदा की प्रक्रिया में हैं, जबकि तीन अन्य परियोजनाओं पर शीघ्र कार्य प्रारम्भ किया जाएगा।
बैठक में केन्द्रीय सड़क निधि (सी0आर0आई0एफ0) के अन्तर्गत स्वीकृत परियोजनाओं तथा राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक्स प्रबन्धन लिमिटेड (एन0एच0एल0एम0एल0) द्वारा प्रस्तावित वृन्दावन और प्रयागराज रोप-वे परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को आधुनिक परिवहन सुविधाओं से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को लम्बित स्वीकृतियों और प्रक्रियाओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राज्य की दीर्घकालिक सड़क अवसंरचना आवश्यकताओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किये गए। प्रयागराज में नैनी पुल के समानान्तर नए पुल के निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाले राज्य मार्गों के पुनर्स्थापन के लिए स्थायी नीति बनाने तथा प्रस्तावित नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को उत्तर से दक्षिण तक उच्च क्षमता वाले सड़क नेटवर्क से जोड़ना आर्थिक विकास, औद्योगिक निवेश और संतुलित क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है। केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने इन प्रस्तावों की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विचार करने का आश्वासन दिया।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार, 2-लेन अथवा 2-लेन से कम क्षमता वाले मार्गों को चरणबद्ध ढंग से उन्नत करने, राजधानी लखनऊ से पूरी तरह 4-लेन सम्पर्क से वंचित जनपदों को जोड़ने तथा 33 जिला मुख्यालयों के बीच राष्ट्रीय राजमार्गों को 4-लेन में विकसित करने के प्रस्तावों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। साथ ही, मुरादाबाद, अलीगढ़, देवीपाटन, झाँसी, मीरजापुर और सहारनपुर में रिंग रोड तथा फर्रुखाबाद, श्रावस्ती और महराजगंज में बाईपास निर्माण के प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र को उच्च गुणवत्ता वाली सड़क सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में सड़क अवसंरचना परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहयोग, अन्तरराज्यीय सीमाओं पर आधुनिक एवं आकर्षक प्रवेश द्वार विकसित करने तथा सड़क सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रत्येक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में सुरक्षित अभिकल्प, ब्लैक स्पॉट के वैज्ञानिक सुधार, आधुनिक संकेतक व्यवस्था तथा सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के साथ दुर्घटना में कमी लाने के उपायों पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सड़क अवसंरचना का तेजी से हो रहा विस्तार प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को नई गति देगा। बेहतर राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदेश में निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएँ समयबद्ध ढंग से पूरी होंगी और उत्तर प्रदेश आधुनिक, सुरक्षित तथा विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
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