केन्द्रीय रक्षा मंत्री एवं केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 4,200 करोड़ रु0 की लागत से निर्मित 63 किलोमीटर लम्बे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण सहित 4,850 करोड़ रु0 से अधिक की लागत की 03 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

इन परियोजनाओं में 541 करोड़ रु0 लागत के 32 किलोमीटर लम्बे हरदोई-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (पैकेज-4) के 4-लेन
निर्माण का लोकार्पण तथा इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर 109 करोड़ रु0 की लागत से 01 किलोमीटर लम्बे 4-लेन फ्लाईओवर का शिलान्यास शामिल

मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उ0प्र0 का तेजी से विकास हो रहा, प्रदेश की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था की देश में सर्वत्र सराहना की जाती : केन्द्रीय रक्षा मंत्री

शहीद पथ पर लगभग 23 किलोमीटर लम्बे एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की भी स्वीकृति

बदलते हुए उ0प्र0 की तस्वीर सभी देख रहे, अगर उ0प्र0 समृद्ध, सम्पन्न तथा प्रगतिशील होगा, तो हिन्दुस्तान की भी तरक्की होगी : केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री

आज मुख्यमंत्री जी के साथ बैठक में लगभग 50-60 हजार करोड़ रु0 के नए कार्यां की स्वीकृति दी गयी, आने वाले 02 वर्षां में उ0प्र0 में 02 लाख करोड़ रु0 के कार्य पूरे करेंगे

शहीद पथ पर एलिवेटेड रोड के निर्माण का डी0पी0आर0 बनाने के आदेश दिये गये, थ्री लेयर एलिवेटेड यह फ्लाईओवर विश्व के आकर्षण का केन्द्र बनेगा

उ0प्र0 के विकास में रोड नेटवर्क बहुत महत्वपूर्ण, हम प्रदेश में 1,23,000 करोड़ रु0 लागत के आठ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर रहे

22,000 करोड़ रु0 व्यय कर भगवान गौतम बुद्ध से जुड़े 06 स्थलों को जोड़ने के लिए बौद्ध सर्किट को पूरा किया गया

28,000 करोड़ रु0 की लागत से 06 शहरों में रिंग रोड और बाईपास का निर्माण

उ0प्र0 में 03 रोप-वे परियोजनाओं के निर्माण कार्यों को मंजूरी

प्रधानमंत्री जी ने भारत को विश्व गुरु और 05 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा, इस सपने को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में समृद्ध, सम्पन्न, शक्तिशाली और प्रगतिशील उ0प्र0 का निर्माण होना आवश्यक

प्रधानमंत्री जी के विजन को धरातल पर उतारने में केन्द्रीय रक्षा मंत्री जी एवं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री जी का
नेतृत्व और मार्गदर्शन उ0प्र0 को लगातार प्राप्त हो रहा : मुख्यमंत्री

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री जी की डिक्शनरी में विकास की किसी भी परियोजना के लिए न शब्द नहीं
 
आज प्रदेश की 02 मेट्रोपोलिटन सिटी को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी से जोड़ा गया, यह स्टेट कैपिटल रीजन के विजन को साकार करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण

यह एक्सप्रेस-वे विकास की स्पीड और प्रगति को आगे बढ़ाने तथा समृद्धि के द्वार खोलने के राजमार्ग

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे तथा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे
के माध्यम से प्रदेश की ईस्ट-टू-वेस्ट कनेक्टिविटी अच्छी हुई

अब नॉर्थ-साउथ कनेक्टिविटी की दृष्टि से कुछ नये क्षेत्र चिन्हित किए गए

05 लाख की आबादी वाले हर शहर में एक बाईपास होगा तथा उस बाईपास के साथ प्रत्येक जिला मुख्यालय 4-लेन कनेक्टिविटी से जुड़ेगा

प्रदेशवासियों का सकारात्मक सहयोग विकास को नयी गति प्रदान करता, यही गति उ0प्र0 को प्रगति के पथ पर ले जा रही


लखनऊ : 13 जुलाई, 2026


केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह एवं केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की उपस्थिति में आज यहाँ 4,200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 63 किलोमीटर लम्बे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण सहित 4,850 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 03 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 541 करोड़ रुपये लागत के 32 किलोमीटर लम्बे हरदोई-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (पैकेज-4) के 4-लेन निर्माण का लोकार्पण तथा इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर 109 करोड़ रुपये की लागत से 01 किलोमीटर लम्बे 4-लेन फ्लाईओवर के निर्माण कार्यों का शिलान्यास शामिल हैं। इसके पूर्व, उन्होंने जनपद उन्नाव में कानपुर-लखनऊ 6-लेन एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग विकास से सम्बन्धित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके उपरान्त केन्द्रीय रक्षा मंत्री, केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री और मुख्यमंत्री जी एक्सप्रेस-वे से होकर सरोजनीनगर, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम स्थल तक पहुँचे।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण की बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का तेजी से विकास हो रहा है। उत्तर प्रदेश में हुए कार्यां की चर्चा देश के अन्य राज्यों में भी होती है। विकास की पहली शर्त चुस्त-दुरुस्त कानून-व्यवस्था होती है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था की देश में सर्वत्र सराहना की जाती है। लखनऊ के विकास के लिए जो भी प्रस्ताव मुख्यमंत्री जी के सामने रखे जाते हैं, उन्हें वह सहर्ष स्वीकृति प्रदान कर देते हैं। कानपुर के पास डिफेन्स प्रोडक्शन की पुरानी विरासत है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। कुछ ही महीनों में लखनऊ के आस-पास और बड़े उद्योग स्थापित होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने इन कार्यां की भी स्वीकृति प्रदान की है।
कानपुर से लखनऊ के बीच हाई-वे के निर्माण की माँग लम्बे समय से चली आ रही थी। केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने इसे अपनी तत्काल स्वीकृति प्रदान की। वर्तमान में राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक जाम की समस्या देखने को मिल रही है। एयरपोर्ट जाने में लोगों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने शहीद पथ पर लगभग 23 किलोमीटर लम्बे एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की भी स्वीकृति प्रदान की है।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि लगभग 23 किलोमीटर लम्बे शहीद पथ का शिलान्यास उन्होंने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के प्रधानमंत्री रहते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में किया था। शहीद पथ लखनऊ की लाइफ लाइन बन चुका है। ट्रैफिक की समस्या के दृष्टिगत शहीद पथ पर एलिवेटेड रोड बनाये जाने की आवश्यकता है। आज इस सम्बन्ध में केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री से चर्चा हुई है। एलीवेटेड रोड के ऊपर मेट्रो रेल के संचालन के सम्बन्ध में भी केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री से मांग की गयी है।
केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि किसी भी देश और राज्य के विकास के लिए वॉटर, पावर, ट्रांसपोर्ट एवं कम्युनिकेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जहाँ यह चारों इन्फ्रास्ट्रक्चर होता है, वहाँ ट्रेड, बिजनेस और इण्डस्ट्री बढ़ती है। वहाँ कैपिटल इन्वेस्टमेण्ट आता है तथा रोजगार निर्माण होता है। जिससे गरीबी, भुखमरी और बेरोजगारी दूर हो जाती है। वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश के विकास की गति जितनी होनी चाहिए थी, उतनी नहीं थी। वर्ष 2014 में केन्द्र में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमारी सरकार आयी और तब इन्फ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता मिली। आज बदलते हुए उत्तर प्रदेश की तस्वीर आप सभी देख रहे हैं।
हम भारत के विकास के लिए कृतसंकल्पित हैं। उत्तर प्रदेश देश का हृदय है। अगर उत्तर प्रदेश समृद्ध, सम्पन्न तथा प्रगतिशील होगा और यहाँ प्रति व्यक्ति आय बढ़ेगी, रोजगार का निर्माण होगा व यहाँ से एक्सपोर्ट ज्यादा होगा, तो हिन्दुस्तान की भी तरक्की होगी। आज मुख्यमंत्री जी के साथ बैठक हुई है, जिसमें लगभग 50-60 हजार करोड़ रुपये के नए कार्यां की स्वीकृति दी गयी है। आने वाले 02 वर्षां में हम उत्तर प्रदेश में 02 लाख करोड़ रुपये के कार्य पूरे करेंगे।
केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्री जी की मांग पर शहीद पथ पर एलिवेटेड रोड के निर्माण का डी0पी0आर0 बनाने के आदेश दिये गये हैं। इसी वर्ष दिसम्बर माह तक इसका भूमि पूजन कर निर्माण कार्यां का शुभारम्भ करने का प्रयास है। यह परियोजना अपने आप में विशेष है। यह इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण बनेगी। लखनऊ में बनने वाला यह थ्री लेयर एलिवेटेड फ्लाईओवर विश्व के आकर्षण का केन्द्र बनेगा। इसके अन्तर्गत हम सर्विस रोड भी बनाएंगे। इस 23 किलोमीटर के हाईवे में सबसे आखिरी मंजिल पर मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम ऑन इलेक्ट्रिसिटी तैयार की जाएगी। इससे कानपुर, रायबरेली, सुल्तानपुर जाने वालों के लिए आसानी होगी।
केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि 1,200 करोड़ रुपये लागत के लखनऊ से सीतापुर तक 6-लेन मार्ग को स्वीकृति दी गयी है। इससे लखनऊ से सीतापुर यात्रा का समय दो घण्टे से घटकर मात्र 50 मिनट हो जाएगा। कानपुर से लखनऊ आने के लिए एक्सप्रेस-वे के माध्यम से अब मात्र 25 मिनट लगेंगे। हम लखनऊ के किसान पथ पर सर्विस रोड भी बनाएंगे। 3,400 करोड़ रुपये लागत के अयोध्या से गोण्डा मार्ग तथा गोण्डा बाईपास को मंजूरी दी जा रही है। इसी वर्ष इसका निर्माण प्रारम्भ करने का प्रयास किया जाएगा। 1,750 करोड़ रुपये लागत के 33 किलोमीटर लम्बे आनंद नगर से महराजगंज चौक तक महराजगंज बाईपास का निर्माण भी इसी साल शुरू करने का प्रयास है। इसके बन जाने से लुम्बिनी, नेपाल एवं श्रावस्ती से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए बहुत आसानी होगी। 1,800 करोड़ रुपये लागत के पडरौना से तमकुही राज तथा पडरौना बाईपास के निर्माण की स्वीकृति दी गयी है। 2,300 करोड़ रुपये लागत से दादरी से लाल कुआँ तक 6-लेन एलिवेटेड रोड का टेण्डर अक्टूबर, 2026 तक करने का प्रयास है।
उत्तर प्रदेश के विकास में रोड नेटवर्क बहुत महत्वपूर्ण है। हम उत्तर प्रदेश में 1,23,000 करोड़ रुपये लागत के आठ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर रहे हैं। इनमें 7,000 करोड़ रुपये लागत के 102 किलोमीटर लम्बे बाराबंकी-बहराइच 4-लेन हाईवे का अवार्ड हो गया है। जल्दी इसका काम शुरू हो जाएगा। 11,500 करोड़ रुपये लागत से बनने वाले कानपुर से भोपाल 6-लेन इकोनॉमिक कॉरिडोर में कानपुर से कबरई तक 118 किलोमीटर लम्बे 7,145 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति दी गयी है। इसके साथ ही, 4,600 करोड़ रुपये लागत के आगरा से ग्वालियर 6-लेन ग्रीन फील्ड हाईवे को भी मंजूरी मिली है। इससे आगरा से ग्वालियर की यात्रा में लगने वाला समय 03 घण्टे से घटकर डेढ़ घण्टा हो जाएगा।
22,000 करोड़ रुपये लागत से 620 किलोमीटर लम्बे वाराणसी से कोलकाता रोड का कार्य किया जा रहा है। 45 प्रतिशत कार्य हो गया है। जल्दी ही इसका उद्घाटन किया जाएगा। यह उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति के लिए बहुत उपयोगी होगा। 5,300 करोड़ रुपये लागत के 135 किलोमीटर लम्बे गाजीपुर-माजीघाट-बलिया 4-लेन ग्रीन फील्ड हाईवे का 92 प्रतिशत कार्य हो गया है। इसी साल इसका उद्घाटन किया जाएगा। गोरखपुर-शामली 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है, जो दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-देहरादून और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। यह गोरखपुर, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर, मेरठ जैसे प्रमुख औद्योगिक केन्द्रों को जोड़ेगा।
केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि 35,000 करोड़ रुपये की लागत से गोरखपुर-सिलीगुड़ी कनेक्टिविटी के लिए मुख्यमंत्री जी ने माँग की थी। इसका डी0पी0आर0 बन रहा है। इसी वर्ष इसका भूमि पूजन किया जाएगा। 4,300 करोड़ रुपये लागत के 153 किमी0 लम्बे मथुरा से हाथरस मार्ग का 45 प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ है। इसके बन जाने से मथुरा से हाथरस के बीच लगने वाला 06 घण्टे का समय घटकर केवल ढाई घण्टे हो जाएगा। 3,900 करोड़ रुपये लागत से बन रहे मुरादाबाद-ठाकुरदारा 4-लेन मार्ग का 62 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। इसे इस वर्ष पूर्ण करने का प्रयास है। इससे जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के लिए बेहतर कनेक्टिविटी सम्भव होगी और यात्रा समय दो घण्टे से घटकर एक घण्टा हो जाएगा।
2,200 करोड़ रुपये लागत से निर्मित हो रहे 86 किलोमीटर लम्बे शाहजहाँपुर से हरदोई मार्ग का 67 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। 3,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बरेली-पीलीभीत-सितारगंज 4-लेन मार्ग  का 52 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। इस वर्ष इसका उद्घाटन किया जाएगा। इससे टनकपुर-पिथौरागढ़ तक सीधी कनेक्टिविटी होगी। 2,600 करोड़ रुपये लागत के अलीगढ़ से पलवल 4-लेन मार्ग का 15 प्रतिशत कार्य हुआ है। यह भी इसी वर्ष पूर्ण हो जाएगा। 2,500 करोड़ रुपये लागत से बन रहे सोनौली से गोरखपुर मार्ग का 91 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। इसके बन जाने से नेपाल से आने वाले लोगों को महराजगंज के बुद्ध सर्किट से कनेक्टिविटी मिल जाएगी। हमने 22,000 करोड़ रुपये व्यय कर भगवान गौतम बुद्ध से जुड़े 06 स्थलों को जोड़ने के लिए बौद्ध सर्किट को भी पूरा किया है।
28,000 करोड़ रुपये की लागत से 06 शहरों में रिंग रोड और बाईपास का निर्माण किया गया है। 6,000 करोड़ रुपये लागत से कानपुर में 93 किलोमीटर लम्बे 6-लेन रिंग रोड का 35 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। 4,000 करोड़ रुपये की लागत से अयोध्या में निर्माणाधीन 4-लेन ग्रीनफील्ड रिंग रोड का 38 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इसी वर्ष इसे पूर्ण कर लिया जाएगा। यह रिंग रोड 84 कोसी परिक्रमा के मार्ग से जुड़ेगी। 3,800 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी में बन रही 4-लेन ग्रीनफील्ड रिंग रोड का 96 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। शीघ्र ही प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से इसका लोकार्पण किया जाएगा। इससे एयरपोर्ट कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। 11,000 करोड़ रुपये की लागत से प्रयागराज में रिंग रोड का कार्य शुरू हुआ है। इसके फेज-1 के कार्य प्रारम्भ हुए हैं। फेज-2 का डी0पी0आर0 बनाया जा रहा है। 2,000 करोड़ रुपये की लागत से गोरखपुर में बन रहे 4-लेन रिंग रोड के 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण हुए हैं।
झाँसी-उरई (8,000 करोड़ रुपये), अलीगढ़ से मुरादाबाद (5,200 करोड़ रुपये), चित्रकूट से प्रयागराज ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (2,400 करोड़ रुपये) के कार्य किए जा रहे हैं। 60,000 करोड़ रुपये की लागत से धार्मिक स्थानों की कनेक्टिविटी के कार्य भी किए गए हैं। इनमें राम वनगमन मार्ग (11,000 करोड़ रुपये), राम जानकी मार्ग (15,000 करोड़ रुपये), अयोध्या 84 कोसी परिक्रमा मार्ग (7,500 करोड़ रुपये), ब्रज 84 कोसी परिक्रमा मार्ग (4,500 करोड़ रुपये) तथा बौद्ध सर्किट (22,000 करोड़ रुपये) के कार्य शामिल हैं।
केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 03 रोप-वे परियोजनाओं के निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है। वाराणसी में रोप-वे का कार्य दिसम्बर, 2026 में पूरा होगा। प्रयागराज रोप-वे का कार्य शीघ्र ही प्रारम्भ होगा। वृन्दावन रोप-वे परियोजना का डी0पी0आर0 कार्य प्रगति पर है। उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय महामार्ग भी अमेरिका के बराबर होंगे, इस बात की गारण्टी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में बदलते हुए उत्तर प्रदेश की तस्वीर यहाँ के लोगों को सुखी और समृद्ध तथा सम्पन्न बनाएगी। प्रधानमंत्री जी ने भारत को विश्व गुरु और 05 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। भारत विश्व गुरु, दुनिया में तीसरे नम्बर की आर्थिक ताकत और 05 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी अवश्य बनेगा। प्रधानमंत्री जी के इस सपने को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में समृद्ध, सम्पन्न, शक्तिशाली और प्रगतिशील उत्तर प्रदेश का निर्माण होना उतना ही आवश्यक है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत सरकार उत्तर प्रदेश सरकार के साथ पूरी ताकत और शक्ति से खड़ी रहेगी। आज लोकार्पित कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस हाईवे अत्यन्त सुन्दर बना है। आने वाले समय में ऐसे ही रोड नेटवर्क उत्तर प्रदेश को निश्चित रूप से आगे ले जाएंगे। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की जनता और सरकार ने हमें बहुत सहयोग किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री जी तथा सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री का अभिनन्दन करते हुए कहा कि श्री गडकरी जी की डिक्शनरी में विकास की किसी भी परियोजना के लिए न शब्द नहीं है। बड़े से बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के कार्य को धरातल पर उतारने के लिए वह सदैव अपनी प्रभावी भूमिका के साथ आगे बढ़े हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज केन्द्रीय रक्षा मंत्री जी एवं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री जी के कर-कमलों से कानपुर-लखनऊ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे तथा लखनऊ से हरदोई को जोड़ने वाले राजमार्ग के लोकार्पण के साथ ही, लखनऊ शहर में एक फ्लाईओवर के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री जी ने लगभग 4,900 करोड़ रुपये लागत की इन परियोजनाओं के उपहार के लिए रक्षा मंत्री एवं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री जी के विजन को धरातल पर उतारने में केन्द्रीय रक्षा मंत्री जी एवं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री जी का नेतृत्व और मार्गदर्शन उत्तर प्रदेश को लगातार प्राप्त हो रहा है। प्रधानमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश में नदियों के नेटवर्क का उपयोग इनलैण्ड वॉटर-वे के रूप में किए जाने का विजन देखा था। केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री जी ने देश का पहला इनलैण्ड वॉटर-वे वाराणसी से हल्दिया के बीच संचालित करने का कार्य किया है। दिल्ली से मेरठ के बीच 12-लेन एक्सप्रेस-वे व देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली से मेरठ के बीच संचालित है। आज प्रदेश की 02 मेट्रोपोलिटन सिटी को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है। यह उत्तर प्रदेश में स्टेट कैपिटल रीजन (एस0सी0आर0) के विजन को साकार करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। यह लखनऊ से सटे बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली जनपदों को जोड़कर देश की इकोनॉमी के ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित करने की योजना का हिस्सा है।
विगत 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री जी ने प्रदेश के सबसे लम्बे गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया था। उससे पूर्व, 28 मार्च को प्रधानमंत्री जी ने ही देश के सबसे नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का लोकार्पण किया था। आज हम प्रदेश के 02 बड़े शहरों-लखनऊ और कानपुर को जोड़ने वाले 63 किलोमीटर के 6-लेन एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण कार्यक्रम के साक्षी बन रहे हैं। यह केवल एक्सप्रेस-वे नहीं, बल्कि हमारी विकास की स्पीड और प्रगति को आगे बढ़ाने तथा समृद्धि के द्वार खोलने के राजमार्ग हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री जी ने आज उत्तर प्रदेश के सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा भी की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को 50 से 60 हजार करोड़ रुपये की नयी परियोजनाओं की सहमति और स्वीकृति प्रदान की है। प्रदेश में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे तथा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के माध्यम से प्रदेश की ईस्ट-टू-वेस्ट कनेक्टिविटी अच्छी हो गई है। अब नॉर्थ-साउथ कनेक्टिविटी की दृष्टि से कुछ नये क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। इसके साथ ही, 05 लाख की आबादी वाले हर शहर में एक बाईपास होगा तथा उस बाईपास के साथ प्रत्येक जिला मुख्यालय 4-लेन कनेक्टिविटी से जुड़ेगा। इन कार्यों की भी स्वीकृति केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री जी ने दी है। प्रदेशवासियों का सकारात्मक सहयोग विकास को नयी गति प्रदान करता है। यही गति उत्तर प्रदेश को प्रगति के पथ पर ले जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कभी बीमारू राज्यों की श्रेणी में गिना जाने वाला राज्य आज आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर वाले राज्यों में गिना जा रहा है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देशवासियों को बेहतरीन कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुशासन के लिए आश्वस्त किया था। आज उत्तर प्रदेश में इस सम्बन्ध में हुए कार्य एक मॉडल बने हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में रोड, एयर, इनलैण्ड वॉटर-वे तथा पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बेहतरीन सेवा के रूप में मेट्रो रेल की कनेक्टिविटी की सुविधा उत्तर प्रदेश वासियों को प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज से लगभग 10 वर्ष पहले यह प्रदेश पहचान के संकट से गुजर रहा था। उस समय की सरकारों में नीति और नीयत, दोनों का अभाव था। एक संकुचित और सीमित दायरे की सोच के साथ विभाजनकारी राजनीति से उत्तर प्रदेश को उपद्रव ग्रस्त, कर्फ्यू ग्रस्त तथा दंगा ग्रस्त बना दिया गया था। उस समय सरकारें माफियाओं के सामने नतमस्तक थीं। वर्तमान में उत्तर प्रदेशवासी पहचान के संकट के मोहताज नहीं हैं। अब उत्तर प्रदेश ने उत्सव प्रदेश के रूप में नयी पहचान बनायी है। अब उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं हैं, बल्कि ब्रेक-थू्र राज्य बनकर भारत की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन की भूमिका निभा रहा है। उत्तर प्रदेश आज देश के सर्वाधिक एक्सप्रेस-वे तथा रेल नेटवर्क का नेतृत्व कर रहा है। प्रदेश के सर्वाधिक शहरों में मेट्रो रेल का संचालन हो रहा है। सर्वाधिक एयरपोर्ट का संचालन भी उत्तर प्रदेश में हो रहा है। यह आज के नये उत्तर प्रदेश की पहचान है।
कार्यक्रम को विधान सभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना, उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य व श्री ब्रजेश पाठक ने भी सम्बोधित किया।  
इस अवसर पर एम0एस0एम0ई0 मंत्री श्री राकेश सचान, परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर सिंह, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अजीत सिंह पाल, महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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