जलालपुर, अम्बेडकर नगर: ज्येष्ठ माह के तृतीय बड़े मंगलवार को पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। भोर की पहली किरण के साथ ही जलालपुर के सभी हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की अनंत भीड़ उमड़ पड़ी। मानो पुण्य की पावन बेला ने साकार रूप ले लिया हो।
सबसे दिल छू लेने वाला दृश्य शीतला माता मंदिर परिसर में स्थित भगवान बजरंगबली के दरबार में देखने को मिला।
शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचलों में भी ‘बड़ा मंगल’ को लेकर अद्भुत उत्साह था। मंदिरों को रंग-बिरंगी झालरों और फूल-मालाओं से सजाया गया था। जगह-जगह सुंदरकांड के पाठ का आयोजन हुआ, जिसमें महिलाओं, बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
विभिन्न जगहों पर आयोजित भंडारों में प्रसाद वितरित किया गया। राहगीर हो या भक्त, सभी ने पूड़ी-सब्जी, हलवा, बूंदी और ठंडे शरबत का प्रसाद ग्रहण किया। कई सामाजिक व व्यापारिक संगठनों ने मिलकर इस सेवा उत्सव को और भी भव्य बना दिया।
स्थानीय मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ के इन बड़े मंगलवारों पर सच्चे मन से भगवान हनुमान की साधना करने से सारे संकट टल जाते हैं और जीवन में अद्वितीय सुख-शांति तथा समृद्धि आती है। बालक शिवांश की उस अनन्य भक्ति ने आज इस मान्यता को साकार करते हुए सभी को यह बता दिया कि भक्ति न आयु देखती है, न साधन – वह केवल भाव की भूखी होती है।
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