उतरौला बलरामपुर -ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व ज्यों ज्यों नजदीक आता जा रहा है त्यों त्यों नगर सहित ग्रामीण अंचलों के हाट बाजारों में बक रीद की तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजारों में बकरों की खरीद-बिक्री बढ़ने से रौनक लौट आई है। जगह-जगह विभिन्न नस्लों के बकरों की मंडियां सज गई हैं और खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी है। तहसी ल क्षेत्र के उतरौला, महुवा बाजार, गौबर्धन पुर, चिरकुटिया बाजार पिडिया, हाशिम पारा, गैडास बुजुर्ग,धुसवा बाजार, महदेइय बाजार, चमरुपुर, श्रीदत्तगंज, कपौवा, रमवापुर, रेहरा, रानी पुर, पेहर बाजार,हुसैना बाद के अलावा अन्य हाट बाजारों में दूर-दरा ज से आये हुए व्यापारी बकरे को लेकर पहुंच रहे हैं। गलियों और मोहल्लों में भी घूम- घूम कर जानवरों की बिक्री की जा रही है। तोता परी, जमुना परी और बरबरी नस्ल के बकरों की मांग सबसे ज्यादा है पर्व नजदीक आते ही कपड़ों, टोपी, इत्र और सेवइयों की दुकानों पर भी खरी दारों की भीड़ बढ़ने लगी है। महिलाओं और बच्चों में खासा उत्साह है। दुकानदारों के चेहरे पर रौनक दिखाई दे रहे है।मुस्लिम धर्मगुरुओं ने बताया कि बकरीद त्याग, समर्पण और इंसानियत का पर्व है। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल रस्म नहीं है बल्कि जरूरतमंदों की मदद और भाई चारे का एक सन्देश देने वाला पर्व है। कुर्बानी के साथ गरीबों और रिश्तेदारों में गोश्त बांटने कीपरम्परा निभाई जाती है। पर्व को शांति पूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर दी हैं। बाजारों में भीड़ को देखते हुए पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है। एस डी एम और सीओ ने अधिकारियों के साथ बैठक कर साफ- सफा ई, बिजली, पानी और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए निर्देश भी दिए हैं।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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