उतरौला बलरामपुर-विगत दिनों सोमवार को पुरे जनपद में आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश से व्यापक तबाही मच गई है, जिसका असर अभी तक पूरी तरह से खत्म नहीं हो सका है। जहां इस प्राकृतिक आपदा में बेजुबान पशुओं की मौत और पेड़ों गिरने से जनहानि की खबरें सामने आईं, वहीं पर बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह से चरमरा गई है। आंधी के दौरान कई स्थानों पर पेड़ और विद्युत के पोल गिरने से तार टूट गए, जिससे शहरी और ग्रामीणदोनों क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उतरौला नगर क्षेत्र में कड़ी मश क्कत के बाद करीब 30 घंटे के अन्दर बिज ली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, लेकिन ग्रामी ण अंचलों में स्थिति ज्यों के त्यों अभी भी बनी हुई है। घटना के 48 घंटे से अधिकसमय बीत जाने के बावजूद भी देहात के कई फीड रों से जुड़े सैकड़ों गांव अब भी अंधेरे में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से श्रीदत्तगंज फीडर, महुआ फीडर, गजपुर ग्रिन्ट फीडर,चमरूपुर फीडर, और मिश्रौलि या,के अन्तर्गत आने वाले गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। इन फीड रों से जुड़े महुवा धनी,मटेरिया कर्मा, बढ़या पकड़ी,चीती, मझौवा कान्द नया नगर, बक्सरिया, फकीरी बनकट, गोगाथर, पकड़ी बाजार, फकीरापुर, बनकटवा, बेथुइया, कुरथुवा, बेलई बुज़ुर्ग हाशिम पारा, महुआ बाजार, पुरैना बुलन्द, पेहर, जाफराबाद के अलावा सैकड़ों गांवों के लोग पिछले दो दिनों से अंधेरे में ही अपना जीवन यापन करने को मजबूर हैं। ग्रामीण उप भोक्ताओं के सामने सबसे बड़ी समस्या पेय जल और दैनिक जरूर तों की हो गई हैबिजली न होने से हैंड पम्प और मोटर पम्प बन्द पड़े हुए हैं, जिससे पानीकी किल्लत बढ़ गई है। वहीं पर मोबाइल चार्जिं ग, पंखा-कूलर जैसी सुविधाएं भी ठप हो जाने से भीषण गर्मी में लोगों की परेशानी और भी बढ़ गई है। छोटे दुकानदारों और किसा नों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। **फीडर आधारित समस्या का विश्लेषण** ग्रामीण अंचलों में बिजली आपू र्ति मुख्यत फीडरों के माध्यम से संचालित होती है, और आंधी- बारिश के दौरान इन फीडरों पर व्यापक क्षति होने से बहाली कार्य जटिल हो जाता है। देहात फीडरों की लम्बी लाइनें, खुले क्षेत्रों से गुजरने वाले तार और जर्जर पोल इस तरह की आपदाओं में जल्दी प्रभावित होते हैं। एक फीडर में खरा बी आने पर उससे जुड़े कई गांवों की आपूर्ति एक साथ ठप हो जाती है, जिससे बहाली करने में अधिक समय लगता है।स्थानीय लोगों का कहना है,कि ग्रामी ण अंचलों में बिजली लाइनों का नियमित रख रखाव नहीं होने के कारण हर बार आंधी- बारिश में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि देहात फीडरों की विशेष निगरानी, जर्जर पोलों का समय रहतेपरिवर्तन और पेड़ों की नियमित छंटाई कराई जाएताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके। वहीं पर विद्युत विभाग के कर्मचारियों के द्वारा मरम्मत कार्य जारी है, लेकिन क्षति अधिक होने के कारण बहाली में देरी हो रही है। अधिकारी जल्द से जल्द आपूर्ति सुचारु करने का दावा कर रहे हैं। कुल मिलाकर, इस आंधी-बारिश ने जहां एक ओर प्राकृतिक आपदा का असर दिखा या, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण बिजली व्यव स्था की कमजोरियों को भी उजागर कर दिया है। अब देखना यह होगा कि विभाग इन समस्याओं से सब क लेकर भविष्य में कितनी ठोस तैयारी करता है।इस सम्बन्ध मे उप खण्ड अधिकारी उतरौला ग्रामीण अर विन्द कुमार गौतम व गजेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि तहसील क्षेत्र के101बिजली के पोल आंधी और पानी के आने से गिर चुके है जिनमे ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न फीडरों के 89 बिजली के पोल व शह री क्षेत्र के 12 पोल तथा रैगांई, बभनपुरवा, जनुका, बेथुइया, के अलावा लगभग 8 ट्रांस फार्मर जल गए हैं ग्रामीणों से यह भी बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि 7-8 मई तक विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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