बलरामपुर- जनपद में अग्नि दुर्घटनाओं को शून्य करने और किसी भी आपात स्थिति में 'क्विक रिस्पांस' सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन विभाग पूरी तरह तैयार है।
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन एवं पुलिस अधीक्षक विकास कुमार द्वारा अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जिले में किसी भी स्थान पर आग की घटना होने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिले के तीनों प्रमुख अग्निशमन केंद्रों—सदर (बलरामपुर), तुलसीपुर और उतरौला—को आधुनिक संसाधनों और प्रशिक्षित जनशक्ति से सुसज्जित किया गया है।
अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि सदर स्टेशन सहित तीनों केंद्रों पर फायरमैन (40), लीडिंग फायरमैन (05), और फायर सर्विस चालकों की तैनाती सुनिश्चित की गई है, जो 24 घंटे किसी भी दुर्घटना स्थल पर तत्काल पहुँचने के लिए तत्पर रहते हैं।
*संसाधन और वाहनों की उपलब्धता*
जिले में आधुनिक वाहनों की उपलब्धता है ताकि भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार आग पर काबू पाया जा सके:
बलरामपुर सदर: यहाँ 5000 और 4500 लीटर क्षमता के 02 फायर टेंडर मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त, संकरी गलियों के लिए 'क्विक रिस्पांस वैन' (750 ली.) और फोम के साथ 'हाई प्रेशर वाहन' (450 ली.) उपलब्ध हैं। साथ ही पोर्टेबल पंप युक्त 'टाटा योद्धा' और 'बोलेरो कैंपर' भी तैनात हैं।
तुलसीपुर व उतरौला: इन केंद्रों पर 2500 से 4500 लीटर क्षमता के फायर टेंडर और हाई प्रेशर वाहन तैनात किए गए हैं, जो ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में प्रभावी कार्यवाही करते हैं।
*निर्बाध जल आपूर्ति की व्यवस्था*
आग बुझाने के ऑपरेशन में पानी की कमी सबसे बड़ी बाधा होती है। इसे दूर करने के लिए विभाग ने स्थायी स्रोत विकसित किए हैं:
बलरामपुर: स्टेशन पर मौजूद समरसेबल और बलरामपुर चीनी मिल से जल प्राप्ति।
तुलसीपुर: तुलसीपुर चीनी मिल के माध्यम से जल का बैकअप।
उतरौला: फायर स्टेशन पर उपलब्ध विशेष स्टेटिक टैंक द्वारा आपूर्ति।
*ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 'अग्नि सुरक्षा मास्टर प्लान'*
विभाग ने विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों के लिए 20 सूत्रीय सुरक्षा मार्गदर्शिका जारी की है। इसमें ग्राम पंचायतों से अपील की गई है कि वे अपने स्तर पर निम्नलिखित यंत्र हमेशा तैयार रखें:
अनिवार्य उपकरण: स्ट्रैप पंप बाल्टी ,बड़ी कुल्हाड़ी , बेलचा, सीढ़ी और टॉर्च।
*विशेष टोलियाँ: गांवों में 'अग्निशमन टोली', 'संपत्ति बचाव टोली', 'प्रहरी टोली' और 'जीवन रक्षक टोली' के गठन का सुझाव दिया गया है, जिन्हें विभाग द्वारा विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।*
*आम नागरिकों के लिए 'क्या करें और क्या न करें'*
विभाग ने आग से बचाव के लिए निर्देश जारी किए हैं:
फसल सुरक्षा: गेहूं की कटाई के बाद डंठल में आग न लगाएं, इससे बड़े अग्निकांड हो सकते हैं।
घरेलू सावधानी: रसोई घर की छत टीन की बनाएं या फूस की छत पर मिट्टी का लेप लगाएं। चूल्हे की राख को पूरी तरह ठंडा करके ही फेंके।
खलिहान सुरक्षा: खलिहान, रेलवे लाइन और मकानों के बीच कम से कम 100 फुट की दूरी रखें।
खलिहान के पास पानी के घड़े और मिट्टी के ढेर रखें।
वर्जित कार्य: बिस्तर पर लेटकर धूम्रपान न करें, जलती बीड़ी-सिगरेट न फेंकें और दीया/लालटेन को लावारिस न छोड़ें।
*आपातकालीन संपर्क नंबर (24x7 सक्रिय)*
किसी भी दुर्घटना की सूचना देने में देरी न हो, इसके लिए विभाग ने क्षेत्रीय नंबर जारी किए हैं:
अग्निशमन सेवा: 101
पुलिस सहायता: 112
बलरामपुर सदर: 9454418820
तुलसीपुर: 9454418821
उतरौला: 7839861626
प्रभारी अधिकारी अग्निशमन: 9454418819
जनपद में अग्निशमन विभाग की यह सक्रिय तैयारी और सतर्कता संभावित अग्निकांडों को रोकने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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