उतरौला बलरामपुर -एक माह पूर्व मे वन विभाग व पुलिस की मिली भगत के चलते लगभग तीन हेक्टे‌यर की जमीन पर खड़े सैकड़ों आम के हरे पेड़ों पर आरा चल गया है। इस समय आम के पेड़ों में बौर भी आए हुए हैं। सरकारी नियमों में फलदार वृक्षों के कटान पर पूरी तरह से प्रतिबंध भी लगा हुआ है। इसके बावजूद भी आम के पेड़ काटकर पूरे जमीन को माफिया के द्वारा हरियाली रहित कर दिया है। उतरौला वन विभाग क्षेत्र के ग्राम सभा लालगंज मेे स्थित आम का बाग जो मदर सा अंजुमन मोहम्मदी के निकट में स्थित है। उसमें वन माफिया तथा भू माफियाओं ने मिल कर पेड़ों को काटकर उठा ले गए है। इस सम्बन्ध में डी एफ ओ गोण्डा से बात करने पर उन्होंने इस मामले से अधिक अनभिज्ञता जताते हुए जांच कराने की बात कही। रेंजर कपिल सिंह ने बताया कि ऐसा कोई प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है। उधर आम के काटे गए बोटे एक बाग में सुरक्षि त रखे गए हैं। जो पुलिस कर्मियों की भी सक्रियता को तार तार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े भू भाग के पेड़ों की कटान बिना उच्च अधिकरियों के अनुमति के नहीं हो सकती। सवाल यह है कि एक तरफ धरती को हरा भरा बनाए रखना व हरियाली बचाए रखने का दावा किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ हरियाली का विनाश करने के लिए प्रशासन जिम्मेदार महकमा तथा वन माफिया कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। क्या जिम्मेदार विभाग उन वन माफियाओं पर कानूनी शिकंजा कस पाने में कामयाब होगा या सभी काटे गये पेड़ों को बीमार और सूखा बताकर माफिया को अभय दान देगा।

            हिन्दी संवाद न्यूज से
           असगर अली की खबर
             उतरौला बलरामपुर। 

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