उतरौला बलरामपुर - शुक्रवार को अलविदा की नमाज़ अकीदत एवं सुरक्षित वातावरण में सम्पन्न हुआ, नगर सहित ग्रामीण अंचलों के मस्जिदों में नमाजियों की खासी भीड़ रही।इस दौरान सुरक्षा कर्मी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के विभिन्न मस्जिदों के बाहर मुस्तैद दिखाई पड़े इस बार हो सक ती है दो जुमा अलवि दा की नमाज रमजान महीने के आखिरी जुमे की तैयारियां इस माह में दो बार की जा सकती है जहां 13 मार्च को अल विदा की नमाज़ अदा की गई, वहीं यदि चांद माहे रमजान की 30 तारीख को दिखा, तो 20 मार्च को इस रमजान का आखिरी जुमा होगा। जानकारों का कहना है कि इस्लामी कैलेंडर के महीने आम तौर पर 29 या 30 दिनों का होता है इसलिए इसमे चार या पांच जुमे आते हैं हालांकि अलविदा जुमे की नमाज़ रमजान के आखिरी जुमे को कहा जाता है, यह आम तौर पर एक ही बार होता है लेकिन यदि रमजान के आखिरी दिनों मे कैलेंडर या चांद के हिसाब से जुमा की नमाज़ दो बार होने जैसी स्थिति भी 
बन सकती है,इस बार ऐसी ही स्थिति बन रही है।13 मार्च जुमा को माहे रमजान का 23 वां रोजा है जिसे जुमा-तुल विदा मानकर नमाज़ अदा तो की जा सकती है, लेकिन यदि ईद का चांद माहे रमजान के 30 वें रोजे को दिखाई देता है, तो 20 मार्च को अलविदा जुमे की नमा ज़ होगी, बताते चलें, कि 19 फरवरी को माहे रमजान का पहला रोजा 30 रोजे पूरे होते हैं,तो ईद की नमाज21 मार्च को होगी,और यदि चांद 29 रमजान को दिखाई दिया देता है तो ईद 20 मार्च जुमे को ही मनाई जाएगी। 
             हिन्दी संवाद न्यूज से
            असगर अली की खबर
             उतरौला बलरामपुर। 

Post a Comment

If you have any doubts, please let me know

और नया पुराने