बलरामपुर- इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर की परीक्षा केंद्र सूची को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। राम तेज भगवती प्रसाद महाविद्यालय और राजा भैया मेमोरियल महिला महाविद्यालय द्वारा स्वयं को परीक्षा केंद्र न बनाए जाने के विरोध में याचिकाएं दाखिल की गई थीं।
माननीय न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने सुनवाई के दौरान कहा कि परीक्षाएं 20 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो चुकी हैं, ऐसे में इस स्तर पर हस्तक्षेप से परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चल रही परीक्षा व्यवस्था में दखल देना न्यायोचित नहीं है।
इस आधार पर हाईकोर्ट ने याचिकाओं को निरस्त करते हुए परीक्षा प्रक्रिया को यथावत जारी रखने का आदेश दिया।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार मौर्य ने बताया कि शासनादेश के अनुरूप परीक्षा केंद्र निर्धारण की नीति तैयार की गई थी, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय ने भी अपनी सहमति प्रदान की है। उन्होंने बताया कि 16 जनवरी 2026 को परीक्षा केंद्र निर्धारण समिति की बैठक हुई थी, जिसमें प्राप्त आपत्तियों पर विचार कर केंद्र निर्धारण के मानक तय किए गए।
नीति के तहत न्यूनतम 60 छात्राएं अथवा 120 या अधिक छात्रों की संख्या, साथ ही परीक्षार्थियों को नजदीकी परीक्षा केंद्र आवंटित करने जैसे प्रावधान शामिल किए गए थे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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