उतरौला बलरामपुर - केन्द्र व राज्य सरकारें महिलाओं के सशक्ति करण, सम्मान और सुरक्षा को लेकर लगा तार नई योजनाएं संचालित कर रही हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्त भारत का सपना साकार करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए है, लेकिन उतरौला नगर में आज भी सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए शौचालय जैसी बुनि यादी सुविधा का अभाव चिन्ता का विषय बना हुआ है। नतीजतन, दूर-दराज से आने वाली महिला ओं को आवश्यकता पड़ने पर भारी असु विधा और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। नगर के सबसे व्यस्त माने जाने वाले डाक्टर भीमराव अम्बेडकर चौराहा और श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहा पर प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन रहता है। इन स्थानों से विभिन्न मार्गों के लिए निजी और सरकारी वाहन संचा लित होते हैं। लम्बी दूरी तय कर आने वाली महिला यात्रियों को जब सार्वजनिक प्रसाधन की आवश्य कता होती है तो उन्हें कोई उपयुक्त व्यवस्था नहीं मिलती। ऐसी स्थिति में महिलाएं मजबूरी में इधर-उधर भटकने को विवश हो जाती हैं, जिसे देख कर स्थानीय नागरिक और दुकानदार भी असहज महसूस करते हैं।यही स्थिति नगर के प्रमुख बैंकों, पचपेड़वा मार्ग, तुलसीपुर मार्ग और निबंधन कार्यालय के आसपास भी बनी हुई है। बैंक शाखाओं में नेटवर्क की समस्या, अधिक भीड़ या अन्य कारणों से घंटों-घंटों इंतजार करने वाली महिला ग्राहकों को भी प्रसाधन की सुविधा न होने के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ती है। हालांकि तहसील परिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और कोतवाली परिसर में भी शौचालय उपलब्ध हैं, लेकिन नगर के अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका परिषद ने लाखों रुपये खर्च कर मोबाइल टॉयलेट खरीदे थे, लेकिन उनका उद्देश्य आज तक पूरा नहीं हो सका। टेलीफोन एक्सचेंज के निकट एक गड्ढे में पड़े मोबाइल टॉयलेट धूल और उपेक्षा काशिकार बना हुआ हैं, जो स्वच्छ भारत मिशन की मंशा पर सवाल खड़े करते हैं। वहीं वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय के पास स्थित निजी बसस्टैण्ड पर रखा मोबाइल टॉयलेट कूड़े के ढेर और गन्दे पानी के बीच अनुपयोगी अवस्था में पड़ा हुआ है। इससे न केवल नगर पालिका की कार्य शैली पर सवाल उठ रहे हैं बल्कि सर कारी धन के सदु पयोग को लेकर भी काफी चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय निवासी एमन रिजवी, कृष्ण कुमार यादव, राम दयाल यादव, और एजाज मलिक का कहना है कि नगर में महिलाओं की संख्या और सार्वजनिक स्थलों पर उनकी आवाजाही को देखते हुए प्राथमिकता के आधार परसार्वजनिक शौचालय स्थापित किए जाने चाहिए। उनका यह भी कहना है कि यह केवल सुविधा का नहीं बल्कि महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़ा हुआ एक विषय है।
नगर पालिका परिषद के वरिष्ठ लिपिक नीरज कुमार गुप्ता ने बताया कि सफाई कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन स्थानों पर मोबाइल टॉयलेट की आवश्य कता है, उन्हें चिन्हित कर आवश्यक व्यव स्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन विशेषकर महिलाओं को राहत मिल सके।
नगर वासियों का कहना है कि यदि खरीदे गए मोबाइल टॉयलेटों को प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड, बैंक परिसर और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यवस्थित ढंग से स्थापित कर नियमित सफाई एवं रख रखाव सुनिश्चित किया जाए,तो महिला ओं के अलावा हजारों लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से इस दिशा में शीघ्र और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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