शिकायतकर्ता के अनुसार, ग्राम पंचायत में कागजों पर तो विकास कार्य धड़ल्ले से दिखाए गए, लेकिन ज़मीन पर हकीकत कुछ और ही है।
प्रमुख आरोप और अनियमित्ताओं का विवरण:
- नाली निर्माण में फर्जी भुगतान: शिकायत में बताया गया है कि नाली निर्माण के नाम पर लगभग 1,56,029 रुपये की राशि का भुगतान कर लिया गया है, जबकि मौके पर किसी प्रकार का नाली निर्माण कार्य कराया ही नहीं गया। आरोप है कि केवल फर्जी फोटो पोर्टल पर अपलोड कर सरकारी धन हड़प लिया गया।
- स्ट्रीट लाइट और इंटरलॉकिंग में खेल: शिकायती पत्र के मुताबिक, 12 नवंबर 2025 को स्ट्रीट लाइट लगाने और 5 दिसंबर 2025 को सीसी रोड से एक घर तक इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य का भुगतान दर्शाया गया है, जबकि धरातल पर इन कार्यों का कोई नामो-निशान नहीं है।
पूर्व जांच और निष्पक्षता पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले को लेकर पहले भी अधिकारियों को शिकायत दी गई थी, जिस पर जांच और आख्या प्रस्तुत करने का दावा तो किया गया, लेकिन शिकायतकर्ता ने उस जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
महफूज रजा ने 3 नवंबर 2026 को दिए गए शिकायती पत्र के माध्यम से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, संबंधित अभिलेखों और मौके पर कराए गए तथाकथित कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। ग्रामीण ने मांग की है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त विधिक कार्रवाई की जाए।
हिन्दी संवाद न्यूज से असगर अली की खबर उतरौला बलरामपुर।
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