*** इछौरा झिटकिरी मोरम खण्ड -- 25/2  का जायजा लेती जांच टीम***

**जांच टीम ने मोरम का अवैध परिवहन करते पकड़े 9 ट्रक***


**रिपोर्ट --सैय्यद जावेद अख्तर***


उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में मोरम के अवैध खनन के साथ ही ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर जिलाधिकारी अशोक कुमार तो पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं, जबकि मौके पर गई जांच टीम ने सूचना विभाग के प्रेस रीलीज के जरिये दावा किया है कि उसे इछौरा झिटकिरी मोरम खण्ड - 25/2 में न तो कहीं अवैध खनन होते मिला और न ही नदी की जलधारा में कहीं भी प्रतिबंधित पोकलैण्ड मशीने चलती मिली, लेकिन इसके बावजूद टीम ने  अवैध खनन मानकर पट्टाधारक के खिलाफ पांच लाख का जुर्माना लगा दिया। जो अपने आप में ही एक बड़ा चौंकाने वाला सवाल है? अब सवाल ये उठता है कि जब टीम को मौके पर कोई अवैध खनन और प्रतिबंधित पोकलैण्ड मशीने मिली ही नहीं, तो पट्टाधारक के खिलाफ जुर्माना किस बात का लगा दिया गया,ये बात लोगों की समझ से परे है। जबकि अवैध खनन की खबरों में नदी की जलधारा में साफतौर पर प्रतिबंधित पोकलैण्ड मशीने चलती नजर आ रही हैं। अब यहां एक और बड़ा सवाल ये पैदा हो गया है कि जब जांच टीम के पहुंचने से पहले नदी की जलधारा में प्रतिबंधित पोकलैण्ड मशीने अवैध खनन कर रही थीं, तो टीम के पहुंचने पर वो कैसे और किसके इशारे पर गायब कर दी गईं। कहीं ऐसा तो नहीं, कि खण्ड संचालक की सैटिंग और सिस्टम के आगे सब नतमस्तक हो गये, क्योंकि अवैध खनन की खबरें चलने के बाद टीमें तो पहले से ही मौके पर जाती रही हैं, और अवैध खनन पर पट्टाधारकों के खिलाफ जुर्माना करने के साथ ही खण्ड के आसपास छुपाकर रक्खी गई प्रतिबंधित पोकलैण्ड मशीनों को भी ढूंढ कर सीज करती रहीं हैं, "लेकिन इस बार तो दाल में थोड़ा बहुत काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली नजर आ रही है" जो हमीरपुर की सरजमीं के क्लाईमेड की सेफ्टी के लिये कहीं से भी अच्छा मैसेज नहीं है।

वैसे अब इस मामले की पूरी सच्चाई तो तभी सामने आ सकती है, कि जब तेज तर्रार जिलाधिकारी इस मामले की हाई लेवल गोपनीय जांच करादें,या फिर पूर्व की तरह कोई सोशल वर्कर हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल करदे, जिसकी तैय्यारी चल रही है, और जल्दी ही इस अंधेरगर्दी से पर्दा उठेगा। वहीं प्रेस रीलीज में बताया गया है कि 27, 28 अक्टूबर  को टास्क फोर्स के साथ ही खनिज विभाग की टीम ने अभियान चलाकर 9 ट्रकों को मोरम के अवैध  परिवहन करते  पकड़े जाने पर ऑनलाइन चालान की कार्यवाही की, जिसमें करीब 5 लाख का जुर्माना लगाया गया। जबकि 7 ट्रकों से 4 लाख 10 हजार का जुर्माना जमा वसूला  जा चुका है, हालांकि 90 हजार के जुर्माने की वसूली किया जाना अभी भी बाकी है।





Post a Comment

If you have any doubts, please let me know

और नया पुराने