उतरौला बलरामपुर- तहसील क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम देवरिया मैनहा, पूरे पोखरा डीह के निवासी बदरुद्दीन पुत्र नियामतउल्ला ने गांव के कुछ लोगों पर वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है।इस सम्बन्ध में पीड़ित ने उपजिला धिकारी उतरौला को एक प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांचकराने सार्वजनिक रास्ते को अवैध कब्जे से मुक्त कराने तथा आरोपियों के विरुद्धनियमानुसार कार्यवाही करने की मांग की है। पीड़ित बदरुद्दीन द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, गांव के निवासी नूरुल्ला, फैजानउल्ला और नसीबुल्ला पुत्रगण हकीकुल्ला तथा असद अली कोटेदार पुत्र नूरुल्ला पर आरोप है कि वे गांव के वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर रहे हैं। प्रार्थी का कहना है कि उक्त रास्ता गांव के लोगों के आवागमन के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता है। ऐसे में रास्ते पर अवैध कब्जा होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बदरुद्दीन ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब वह कथित अवैध कब्जे का विरोध करते हैं, तो विपक्षी गण और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा उनके साथ गाली-गलौज करते हैं तथा विवाद करने पर आमादा हो जाते हैं। पीड़ित के मुताबिक, इस विवाद के चलते उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी गण ने उन्हें पहले से ही एक कथित फर्जी मुकदमे में फंसा रखा है। प्रार्थी ने अपने प्रार्थना पत्र में यह आशंका भी जताई है कि विपक्षी गण अपने परिवार की महिलाओं के माध्यम से उन्हें छेड़खानी के मुकदमे में फंसाने की साजिश कर सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्त विक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। एसडीएम ने उतरौला एसएचओ को दिए जांच के निर्देश, पीड़ित ने उपजिलाधिकारी उतरौला से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया और सार्वजनिक रास्ते को कब्जा मुक्त कराने की मांग की। इस सम्बन्ध में उपजिलाधिकारी से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उन्होंने थाना प्रभारी (एस एचओ) को मामले की जांच कर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। पीड़ित का कहना है कि वह अपनी समस्या को लेकर थाना कोतवाली उतरौला भी पहुंचा था, लेकिन वहां की पुलिस कर्मियों ने उसका प्रार्थना पत्र लेने से इंकार कर दिया। बदरुद्दीन के अनुसार पुलिस कर्मि यों ने उन्हें बताया कि जमीन से सम्बन्धित मामलों को राजस्व विभाग ही देखता है और इस प्रकरण में राजस्व विभाग के अधिकारियों सेसम्पर्क करना चाहिए। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद उसे निराश होकर वापस लौटना पड़ा। सार्वजनिक रास्ते को कब्जा मुक्त कराने की मांग बदरु द्दीन ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के सार्वजनिक रास्ते की राजस्व अभिलेखों के आधार पर जांचकराई जाए। यदि जांच में रास्ते पर अवैध कब्जे की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्यवाही करते हुए रास्ते को कब्जा मुक्त कराया जाए, ताकि ग्रामीणों के आवागमन में कोई बाधा न आए। पीड़ित ने सम्बन्धितअधिकारि यों से यह भी अनुरोध किया है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद की निष्पक्ष जांच कराई जाए, और किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय न होने दिया जाए। उनका कहना है कि प्रशास निक स्तर पर समय रहते कार्यवाही होने से विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता है।
फिलहाल, मामले में पीड़ित की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। अब प्रशासनिक जांच और राजस्व अभि लेखों के परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सार्वजनि क रास्ते पर अवैध कब्जा किया गया है या नहीं। ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।
हिन्दी संवाद न्यूज से
असगर अली की खबर
उतरौला बलरामपुर।
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