बलरामपुर- जनपद में डीएम डॉ विपिन कुमार जैन के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में उद्योग, उद्यमिता एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास अब सकारात्मक परिणामों के रूप में सामने आ रहे हैं।
शासन की उद्यमपरक नीतियों, जिला प्रशासन की नियमित मॉनिटरिंग तथा बैंकों एवं संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से जहां बड़ी संख्या में नई इकाइयां पंजीकृत हो रही हैं, वहीं युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने और उद्यमियों के विभिन्न विभागीय प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
जिला स्तरीय उद्योग बन्धु समिति से प्राप्त आंकड़े जनपद में तेजी से विकसित हो रहे उद्यमिता के वातावरण को दर्शाते हैं। विशेष रूप से उद्यम रजिस्ट्रेशन, निवेश मित्र पोर्टल, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना तथा एक जनपद एक उत्पाद योजना में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
*चार माह में 2,342 नई इकाइयों का पंजीकरण*
जिले में उद्यमिता के प्रति बढ़ते रुझान का सबसे बड़ा प्रमाण उद्यम रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों में दिखाई देता है। 1 अप्रैल से 30 जुलाई 2026 के बीच जनपद में कुल 2,342 नवीन इकाइयों का पंजीकरण किया गया है।
इनमें सेवा क्षेत्र में 931, व्यवसाय क्षेत्र में 985 तथा विनिर्माण एवं उद्योग क्षेत्र में 426 नई इकाइयां पंजीकृत हुई हैं। कम समय में इतनी बड़ी संख्या में नई इकाइयों का पंजीकरण जनपद में स्वरोजगार एवं स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
*निवेश मित्र पोर्टल पर 90 प्रतिशत से अधिक निस्तारण*
उद्यमियों को विभिन्न विभागीय स्वीकृतियां एवं एनओसी समय से उपलब्ध कराने की दिशा में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त कुल 435 आवेदनों में से 394 प्रकरणों में एनओसी, सहमति अथवा स्वीकृति निर्गत की जा चुकी है। इस प्रकार 90 प्रतिशत से अधिक प्रकरणों का निस्तारण किया गया है।
श्रम विभाग द्वारा प्राप्त 121 में से 119 प्रकरणों का निस्तारण किया गया है, जबकि एमएसएमई विभाग ने 110 में से 104 मामलों का निस्तारण किया है।
अग्निशमन विभाग ने प्राप्त सभी 4 आवेदनों का शत-प्रतिशत समयबद्ध निस्तारण करते हुए शून्य पेंडेंसी सुनिश्चित की है। औषधि प्रशासन विभाग द्वारा भी 18 में से 17 आवेदनों को समय से स्वीकृति प्रदान की गई है।
इससे उद्यमियों को विभागीय प्रक्रियाओं में सहूलियत मिलने के साथ ही जिले में Ease of Doing Business को मजबूती मिल रही है।
*मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में तेज हुई रफ्तार*
युवाओं को अपना उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने वाली मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (CM YUVA) में भी जिले ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
बैंकों को प्रेषित आवेदनों की संख्या महज एक माह में 726 से बढ़कर 927 हो गई। अर्थात एक महीने में 201 अतिरिक्त आवेदन बैंकों तक पहुंचाए गए।
इसी अवधि में स्वीकृत आवेदनों की संख्या 193 से बढ़कर 267 तथा वितरित आवेदनों की संख्या 177 से बढ़कर 272 पहुंच गई। योजना के तहत लगभग ₹116 लाख का वित्तीय वितरण किया गया है।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक द्वारा 114 आवेदन स्वीकृत एवं 106 वितरित किए गए हैं। इंडियन बैंक द्वारा भी 60 आवेदन स्वीकृत तथा 61 प्रकरणों में वितरण दर्ज किया गया है।
योजना में लगातार बढ़ती स्वीकृति एवं ऋण वितरण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा उन्हें स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए आर्थिक आधार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
*मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से युवाओं को आर्थिक मजबूती*
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत भी ऋण स्वीकृति एवं वितरण में सकारात्मक प्रगति दर्ज की गई है। जुलाई माह तक योजना के अंतर्गत 34 प्रकरणों में ₹85.18 लाख की ऋण स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि 21 प्रकरणों में ₹45.93 लाख का ऋण वितरण किया जा चुका है।
पंजाब नेशनल बैंक तथा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ने 12-12 आवेदन स्वीकृत करते हुए योजना के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
*ODOP के माध्यम से स्थानीय उद्यमिता को ₹88.42 लाख का वित्तीय संबल*
एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों एवं उनसे जुड़े उद्यमियों को भी आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।
योजना के तहत बैंकों को भेजे गए 29 आवेदनों में से 11 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा 8 इकाइयों को कुल ₹88.42 लाख का ऋण वितरण किया गया है।
इससे स्थानीय उत्पादों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, उन्हें बड़े बाजारों से जोड़ने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करने में सहायता मिल रही है।
*उद्योग बन्धु के माध्यम से उद्यमियों की समस्याओं का समाधान*
जिला प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय उद्योग बन्धु समिति के माध्यम से उद्यमियों एवं निवेशकों से जुड़े प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जा रही है। विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराते हुए उद्यमियों को अनावश्यक रूप से विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें, इस दिशा में समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
विगत बैठक में उठाए गए लखीमपुर खीरी आरएनजी प्रा.लि. से संबंधित प्रकरण में भी प्रगति हुई है। प्रकरण में लेखपाल की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है तथा भूमि विनियमन से संबंधित अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रकरण सक्षम स्तर पर प्रेषित किया गया है।
जिला प्रशासन, संबंधित विभागों एवं बैंकों के समन्वित प्रयासों से बलरामपुर में ऐसा वातावरण तैयार हो रहा है, जहां युवाओं को उद्यम स्थापित करने के अवसर, स्थानीय इकाइयों को वित्तीय सहयोग और उद्यमियों को समयबद्ध विभागीय सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
उद्यम से रोजगार, स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता और स्थानीय उद्योगों से समृद्धि—इसी दिशा में बलरामपुर निरंतर आगे बढ़ रहा है।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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