फर्जी हड्डी विशेषज्ञ बनकर दो युवकों ने मरीज से इलाज के नाम पर ठगे 50 हजार, दोनो के  खिलाफ दर्ज हुई एफ आई आर ----


रिपोर्ट --- सैय्यद जावेद अखतर 


----मौदहा के निजी अस्पताल में इलाज भी किया गया,लेकिन प्लास्टर खुलने के बाद हड्डी पहले की तरह ही टूटी निकली-----



उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में फर्जी हड्डी विशेषज्ञ बनकर इलाज के नाम पर पीडित मरीज से 50 हजार की ठगी  करने का एक सनसनी खेज  मामला सामने आया है, फिलहाल पीडित की तहरीर पर सदर कोतवाली  पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करदी है। बताया गया है कि अपने को हड्डी रोग विशेषज्ञ बताने वाले  दोनों युवक हड्डी रोगों से जूझ रहे मरीजों से मोटी रकम ऐंठकर  कानपुर के आर्थोपेडिक सर्जन राजेश बाजपेई के नाम पर  करते थे ठगी, जबकि डा0 राजेश बाजपेई ने वाट्स एप पर चैटिंग के जरिये बताया  कि न तो वो कभी  मौदहा गये हैं, और न ही उन्होंने मौदहा में किसी मरीज का इलाज या आपरेशन किया है। बल्कि पर्चे पर लिखे प्रिसक्रिप्शन में भी न तो कहीं  उनकी राईटिंग है, और न ही उनका फोन नम्बर है। डाक्टर बाजपेई ने 

 साफतौर पर कहा है कि उनके नाम का सहारा लेकर कुछ लोगों ने उन्हें बदनाम करने का आपराधिक कृत्य किया है।

 जी हाँ! ये चौकाने वाला मामला  सदर कोतवाली क्षेत्र के कलौलीतीर के रहने वाले  मोनू पुत्र रामस्वरूप के साथ पेश आया है। सदर कोतवाली  पुलिस को दी अपनी  तहरीर में पीडित मोनू ने बताया कि  फिसलकर गिरने से उसका दाहिना हाथ टूट गया था, जिसका इलाज कराने वो 21 मार्च 2016 को जिला अस्पताल आया था, जहाँ उसकी मुलाक़ात  नगर के रमेडी तरौस निवासी रोहित शर्मा और अंकित शर्मा से हुई थी, मुलाक़ात के दौरान दोनों ने उसे  बताया था  कि वो हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं,और  उनका मौदहा में निजी अस्पताल है, जिसमें वो गारंटी से पैकेज के हिसाब से मरीज का इलाज करते हैं, और 29 मार्च 2026 को अपने मौदहा क्लीनिक में पीडित को इलाज के लिये बुलाया गया, जब पीडित उनके मौदहा  क्लीनिक पहुंचा तो दोनों ने उस्से  50 हजार रुपये में उसका पूरा इलाज करने को कहा, जिसके बाद पीडित ने इलाज करने के लिये इन्हें  50 हजार रुपये दे दिये थे। इसके बाद  पीडित का इलाज लगातार 29 मार्च 26 से लेकर  17 मई 26 तक मौदहा क्लीनिक के साथ ही दोनों युवकों ने अपने घर पर बुलाकर भी किया गया। लेकिन बाद में रोहित शर्मा ने जब टूटे हाथ पर चढा प्लास्टर खोलने के बाद उसका एक्सरे किया, तो हाथ की हड्डी पहले की ही तरह टूटी निकली। तब पीडित ने रोहित से कहा कि आपने तो गारंटी के साथ हाथ ठीक करने का ठेका लिया था, जबकि   इलाज कराने में उसका 60 हजार रुपया अब तक खर्च हो चुका है, साथ ही हाथ में बहुत ज्यादा दर्द और तकलीफ है, हाथ में अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है। ये सुनकर रोहित व अंकित ने उसे डांटकर वहाँ से भगा दिया था,पीडित ने तहरीर में साफ कहा है कि दोनों युवक इलाज करने के लिये न तो अधिकृत हैं, और न ही इनके पास डाक्टर होने की डिग्री है। पीडित ने तहरीर में कहा कि 30 जून 26 को जब वो अपने भाई रमेश सहित भांजे विकास और रिश्तेदारों को लेकर दोपहर 3 बजे के करीब रमेडी तरौस गया, और इलाज के लिये दिये गये अपने रुपये इनसे वापस मांगे, तो दोनों ने ही पीडित के  साथ गाली गलौज करने के बाद उसे  जान से मारने की धमकी दी.पीडित ने तहरीर मे साफ तौर पर कहा है कि दोनों युवकों ने इलाज के नाम पर उसके  साथ सिर्फ  खिलवाड़ करने के साथ ही धोखाधडी कर ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। पीडित ने तहरीर में कहा कि वो बहुत गरीब व्यक्ति है। जबकि उसके साथ ठगी करने वाले दोनो शतिर और दबंग किस्म के युवक हैं। पीडित ने पुलिस से इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई है। फिलहाल सदर कोतवाली पुलिस ने  11 अगस्त 26 को पीडित मोनू की तहरीर पर ठगी की  इस संगीन वारदात को अंजाम देने वाले रोहित शर्मा पुत्र कल्लू शर्मा, अंकित शर्मा पुत्र अज्ञात  के खिलाफ 318(4),319(2),125,352,351(2) बीएन एस सहित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम -34 के तहत   एफ आईआर नं- 0173 दर्ज कर मामले की जांच शुरू करदी है। फिलहाल इस सनसनीखेज मामले की जांच सदर कोतवाली पुलिस  के युवा और तेज तर्रार एस आई नवीन त्रिपाठी को सौंपी गई है। उम्मीद है कि जांच के बाद ठगी का शिकार हुये  पीडित मरीज  को जल्द   मिलेगा इंसाफ। हालांकि जबतक झोलाछाप और मैडिकल स्टोर चलाने वाले  अपने आपको प्राईवेट  स्पेलिस्ट डाक्टर बताकर गरीब मरीजों का मंहगें दामों पर इलाज करते रहेंगे और स्वास्थ्य विभाग इनके ऊपर  कार्यवाही करने के बजाय मेहरबान रहेगा, तब तक गरीब मरीज ठगी का शिकार होते रहेंगे।

अब देखना ये होगा कि इतना बडा सरकारी  जिला अस्पताल होने के बावजूद इलाज के नाम पर गरीब मरीजों के साथ धोखा धडी और ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले झोलाछाप और अपने को स्पेस्लिस्ट बताकर शासन प्रशासन को बदनाम करने वाले एसे फर्जी डाक्टरों के खिलाफ नगर वासियो और बुद्धजीवीयों ने तेज तर्रार जिलाधिकारी अभिषेक गोयल सहित पुलिस कप्तान मृगांक शेखर से सख्त कार्यवाही की मांग की है।

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