दस साल के मासूम बच्चे के कत्ल की कोशिश मे महिला गुनहगार को उम्रकैद की सजा के साथ ही हुआ पच्चीस हजार का जुर्माना ---- 


 रिपोर्ट -- सैय्यद जावेद अखतर


उत्तर प्रदेश  हमीरपुर के राठ के  अतरौलिया में 1 मई 24 को उस वख्त हडकम्प मच गया जब  10 साल के बच्चे शिवम को उसके ही पडोस में  रहने वाली मझगवां के  कोठा गांव निवासी महिला कस्तूरी प्रजापति ने अपने घर पर बुलाकर हंसिये से गरदन रेतकर उसे मरणासन्न कर देने के साथ ही उसी हंसिये से उसके  सर और जिस्म पर सख्त चोट पहुंचाने की दर्दनाक वारदात को अंजाम देने बाद  बच्चे को मरा समझकर मौके से फरार हो गई। वारदात की सूचना बच्चे के पिता महताब खटीक ने राठ पुलिस को फोन पर देने के साथ ही शिवम को राठ सीएचसी में एडमिट कराया, जहाँ से उसे झांसी मैडिकल कालेज रैफर कर दिया गया था। शिवम् के पिता ने राठ पुलिस को दी तहरीर में कहा था कि वो राठ गल्ला मण्डी में पल्लेदारी का काम करता है, उसकी पत्नी नहीं है, उसके साथ में उसका 10 साल का बेटा शिवम भी रहता है, उसके पडोस में   कस्तूरी प्रजापति पत्नी विनोद कुमार प्रजापति भी रहती है, पडोसी होने के नाते हम सबका एक दूसरे के घरों में आना जाना है, चार दिन पहले उसने  एक औरत को अपने घर पत्नी के तौर पर लाकर रख लिया था, जिस्से पडोसन कस्तूरी नाराज थी, जिसके चलते उसने  मौका देखकर बेटे को घर बुलाकर वारदात को अंजाम दे दिया, और बच्चे को मरा समझकर मौके से फरार हो गई, राठ पुलिस ने तहरीर के मुताबिक वारदात देने वाली  महिला के खिलाफ मु0अ0सं0-210/2024 धारा-307 आईपीसी के साथ ही 3(2)5 एससीएसटी के तहत दर्ज  किया गया था, वहीं आपरेशन कन्विक्शन के तहत  एससीएसटी अदालत के स्कालर जज रनवीर सिंह ने कस्तूरी प्रजापति को धारा 307 आईपीसी के तहत उम्रकैद की सजा के साथ ही पांच हजार के जुर्माने के साथ ही धारा 3(2) 5 एससीएसटी के तहत भी उम्रकैद की सजा के साथ ही पन्द्रह हजार का जुर्माना सुनाया गया. जबकि स्कालर जज ने अपने  फैसले में ये भी कहा कि  25 हजार रुपये  बतौर कम्पनसेशन गुनहगार महिला को बच्चे के पिता  को देना होगा। मामले की जांच तत्कालीन सीओ दिलीप सिंह ने पूरी करते हुये अदालत में चार्जशीट दाखिल करदी थी, जबकि अभियोजन की तरफ से एसएसपी विजय सिंह की  दमदार पैरवी  की बदौलत महिला मुल्जिम को उम्रकैद की सख्त सजा मुमकिन हो सकी।

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