जनपद बलरामपुर- हिंदी दिवस के अवसर पर जनपद बलरामपुर के परिषदीय विद्यालयों में सोमवार को हिंदी भाषा के सम्मान, उसके महत्व तथा विद्यार्थियों की रचनात्मक एवं भाषायी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विविध शैक्षिक एवं साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यालयों में निबंध लेखन, सुलेख, कविता लेखन एवं पाठ, भाषण, पोस्टर एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
हिंदी दिवस की गतिविधियों में बच्चों का उत्साह देखते ही बना। विद्यार्थियों ने सुंदर अक्षरों में हिंदी लेखन के साथ ही कविता और निबंध के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किए। भाषण प्रतियोगिता में बच्चों ने हिंदी भाषा की समृद्ध विरासत, दैनिक जीवन में उसके महत्व तथा देश को एक सूत्र में जोड़ने में हिंदी की भूमिका पर अपने विचार रखे। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में भाषा के प्रति रुचि के साथ आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता को बढ़ावा मिला।
*अक्षरों और रंगों से बच्चों ने सजाया हिंदी का संसार*
कंपोजिट विद्यालय आदर्श नगर, नगर क्षेत्र बलरामपुर में हिंदी दिवस पर विद्यार्थियों ने आकर्षक एवं रचनात्मक शिक्षण सामग्री तैयार की। हिंदी वर्णमाला, पुस्तक, कलम-दवात और अक्षर-वृक्ष जैसे प्रतीकों के माध्यम से बच्चों ने हिंदी भाषा के प्रति अपने लगाव को कलात्मक रूप दिया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार मॉडल एवं कलाकृतियां हिंदी सीखने को रोचक एवं गतिविधि आधारित बनाने का संदेश देती नजर आईं।
इसी क्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय गुमड़ी, विकास क्षेत्र श्रीदत्तगंज में भी विद्यार्थियों ने हिंदी दिवस को उत्साहपूर्वक मनाया। बच्चों ने पोस्टर एवं चित्रों के माध्यम से हिंदी वर्णमाला, प्रकृति और पर्यावरण सहित विभिन्न विषयों को हिंदी भाषा से जोड़ते हुए अपनी कल्पनाशीलता प्रदर्शित की। शिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों ने स्वयं रचनात्मक सामग्री तैयार की और अपनी प्रस्तुतियां दीं।
*प्रतियोगिता बनी सीखने और अभिव्यक्ति का माध्यम*
हिंदी दिवस का आयोजन केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित न रहकर बच्चों के लिए सीखने, सोचने और अपने विचारों को सहज रूप से अभिव्यक्त करने का अवसर बना। निबंध से तार्किक अभिव्यक्ति, सुलेख से सुंदर एवं शुद्ध लेखन, कविता से कल्पनाशीलता तथा भाषण से आत्मविश्वास एवं संवाद कौशल को प्रोत्साहन मिला।
विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को बताया गया कि हिंदी केवल पाठ्यक्रम का विषय नहीं, बल्कि विचारों, भावनाओं और संस्कृति की सशक्त अभिव्यक्ति का माध्यम है। बच्चों को हिंदी के शुद्ध लेखन एवं पठन की आदत विकसित करने तथा साहित्य और पुस्तकों से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया गया।
*परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई के साथ प्रतिभा को मिल रहा मंच*
जनपद के परिषदीय विद्यालयों में इस प्रकार की गतिविधियां शिक्षा को रोचक एवं बाल-केंद्रित बनाने के साथ विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का माध्यम बन रही हैं। हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों के ज्ञान के साथ बच्चों की रचनात्मकता, अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास और भाषायी दक्षता के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हिंदी दिवस के अवसर पर बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और उनके द्वारा तैयार की गई आकर्षक रचनाओं ने विद्यालयों में उत्सव जैसा वातावरण बनाया तथा “हिंदी हमारी भाषा ही नहीं, हमारी अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक पहचान का सशक्त माध्यम है” का संदेश दिया।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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