बलरामपुर- बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अंतर्गत बाल विकास परियोजना बलरामपुर देहात एवं बलरामपुर शहर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास, पारंपरिक गरिमा एवं उत्साह के साथ मनाया गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा के स्वरूप में सजकर अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। बड़ी संख्या में बच्चों के अभिभावकों एवं स्थानीय लोगों की सहभागिता ने आयोजन को और भी जीवंत बना दिया।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्रों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। विशेष बात यह रही कि सजावट में 'जीरो बजट' की अवधारणा को अपनाते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं मितव्ययिता का संदेश दिया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं माताओं ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध आम व अशोक के पत्तों, फूलों, प्राकृतिक रंगों तथा घरों में उपलब्ध अनुपयोगी सामग्रियों का रचनात्मक उपयोग कर केंद्रों को सुंदर स्वरूप प्रदान किया।
केंद्रों के मुख्य द्वार एवं कक्षों में चावल के आटे और प्राकृतिक रंगों से आकर्षक रंगोलियां बनाई गईं। फूल-पत्तियों से सजावट के साथ ही मटकियों को भी कलात्मक रूप से सजाया गया, जिससे आंगनबाड़ी केंद्र श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के रंग में रंगे नजर आए। कम संसाधनों में सुंदर एवं आकर्षक सजावट ने उपस्थित अभिभावकों को भी प्रभावित किया।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक एवं भावपूर्ण हिस्सा आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों की प्रस्तुतियां रहीं। पीले वस्त्र, सिर पर मोरपंख मुकुट, हाथ में बांसुरी एवं पैरों में घुंघरू पहने नन्हे कान्हा तथा पारंपरिक परिधानों में सजी नन्हीं राधाएं आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। बच्चों की बाल-सुलभ मुस्कान एवं अठखेलियों ने पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया।
बच्चों द्वारा डांडिया रास, कृष्ण भजन एवं सामूहिक बालगीतों पर उत्साहपूर्वक प्रस्तुतियां दी गईं। नन्हे बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं एवं उपस्थित माताओं ने पुष्प वर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया। आयोजन के माध्यम से बच्चों को खेल एवं गतिविधियों के जरिए भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों से परिचित होने का अवसर मिला।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव को केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता से भी जोड़ा गया। उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों के साथ विशेष संवेदीकरण सत्र आयोजित कर बच्चों के नियमित वजन एवं वृद्धि की निगरानी, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा समय से टीकाकरण के महत्व के संबंध में जानकारी दी गई। माताओं को बच्चों के शुरुआती वर्षों में उचित पोषण और नियमित स्वास्थ्य देखभाल के महत्व से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के अंत में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखते हुए बच्चों एवं उपस्थित अभिभावकों को माखन-मिश्री एवं पौष्टिक प्रसाद वितरित किया गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव ने संस्कृति, रचनात्मकता, पोषण और सामुदायिक सहभागिता का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। आयोजन के माध्यम से जहां बच्चों को आनंदपूर्ण वातावरण में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला, वहीं अभिभावकों एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ उनका जुड़ाव भी और मजबूत हुआ।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के पोषण एवं प्रारंभिक देखभाल के साथ-साथ सीखने, रचनात्मक गतिविधियों एवं सामाजिक-सांस्कृतिक जुड़ाव के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में इस प्रकार की गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

               हिन्दी संवाद न्यूज से
                 रिपोर्टर वी. संघर्ष
                    बलरामपुर। 

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