उतरौला बलरामपुर -उत्तर प्रदेश की राज नीति में एक अहम मुलाकात ने पूर्वांचल के राजनीतिक गलि यारों में नई हलचल पैदा कर दी है। सुहेल देव स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेन्द्र राजभर और कांग्रेस नेता हसीब खान की मुलाकात के बाद राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
 के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच पूर्वांचल में INDIA गठबंधन को मजबूत बनाने,जन सम्पर्क अभियान चलाने, संगठन विस्तार राजनीतिक कार्यक्रमों तथा कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने जैसे मुद्दों पर विस्तार रुप से चर्चा हुई। इसके साथ ही आगामी विधान सभा चुनावों को लेकर सम्भावित रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। हालांकि, इस बैठक के बाद किसी नए राजनीतिक गठबंधन या समझौते की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महेन्द्र राजभर पूर्वांचल की राजनीति में एक प्रभाव शाली चेहरा मानाजाता हैं। वर्ष 2002में महेन्द्र राजभर के द्वारा सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) की स्थापना के समय वह संस्थापक टीम के प्रमु ख सदस्यों में शामिल रहे। लगभग दो दशकों तक उन्होंने संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के अलावा कई अहम जिम्मेदारियां भी निभा ईं। वर्ष 2017 के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में भाजपा- एस बीएसपी गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में उन्होंने मऊ सदर विधान सभा सीट से चुनाव लड़ा, जहां उनका मुकाबला बाहु बली नेता मुख्तार अंसा री से हुआ। चुनाव भले ही उनके पक्ष में नहीं गया, लेकिन उन्होंने मजबूत चुनावी मुकाब ला पेश कर अपनी अलग राजनीतिक का पहचान स्थापित की।
सितम्बर 2022 में महेन्द्र राजभर ने एस बीएसपी से इस्तीफा देकर पार्टी में परिवार वाद, पुराने कार्यकर्ता ओं की उपेक्षा और मूल उद्देश्यों से भटकने जैसे आरोप लगाए। इसके बाद उन्होंने सुहेल देव स्वाभिमान पार्टी SSP का गठन किया और वर्तमान में उसके राष्ट्री य अध्यक्ष बनाए हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महेन्द्र राजभर और कांग्रेस नेता हसीब खान की यह मुलाकात आने वाले समय में पूर्वांचल की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत हो सकती है। हालांकि फिलहाल इसे राजनी तिक संवाद के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन भविष्य में इसके क्या राजनीतिक मायने निकलते हैं, इस पर सभी लोगों की नजर बनी हुई है।

               हिन्दी संवाद न्यूज से
              असगर अली की खबर
                उतरौला बलरामपुर। 
   

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