उतरौला बलरामपुर- लगातार हो रहीबारिश के चलते धान की रोपाई अपने चरम सीमा पर पहुंच गई है और जुलाई माह के मध्य में धान की रोपा ई पूरे जोर-शोर से चल रही है।ऐसे समय में किसानों को यूरिया डी ए पी, एनपीके के अलावा अन्य उर्वरकों की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, लेकिन उतरौला तहसील क्षेत्र में अधि कांश साधन सहकारी समितियों पर तकनी की खामी किसानों के लिए बड़ी परेशानीबन चुकी  है। सर्वर डाउन होने के कारण किसा नों का ई-पीओएस मशीन पर सत्यापन नहीं हो पा रही है, जिससे उन्हें निर्धारित मात्रा में यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है। घंटों इंतजार करने के बाद किसान मायूस होकर खाली हाथ घर लौटने पर मजबूर हो हैं।क्षेत्र के किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के बाद फसल की बढ़वार के लिए समय पर यूरिया देना अत्यन्त आवश्य क होती है। यदि निर्धा रित समय पर खाद उपलब्ध नहीं हुई तो पौधों की वृद्धि प्रभा वित होगी, और उत्पा दन पर भी प्रतिकूल असर भी पड़ सकता है। जानकारी के अनु सार साधन सहकारी समिति भैरमपुर, देव रिया मैनहा,रेडवलिया चायडीह, गैंडासबुजुर्ग चिरकुटिया, गन्ना समि ति उतरौला, एग्री जंक्शन उतरौला तथा एग्रीजंक्शन बेथुइया के अलावा कई केन्द्रों पर पूरे दिन सर्वर बाधित रहने से खाद वितरण प्रभावित हो रहा है। किसान सुबह से ही समितियों पर लाइन लगाकर खड़े रहते हैं, लेकिनतकनी की समस्या दूर न होने के कारण उन्हें निराश होकर घर लौटना पड़ा रहा है।सहकारी समि तियों से खाद नमिलने के बाद किसान निजी उर्वरक विक्रेताओं की ओर अपना रुख अख्तियार करने ‌पर मजबूर हो जाते हैं। लेकिन वहां भी यूरिया की उपलब्धतासीमित पर बताई जा रही है। कई दुकानों पर स्टॉक समाप्त होने की बात भी कर रहे है, जबकि कुछ स्थानों पर किसा नों को खाद के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ रहा है। इससे खेती-किसानी का कार्य भी प्रभावित हो रहा है।जुलाई के मध्य में खरीफ फसलों, विशेष कर धान की रोपाई के बाद किसा नों को सबसे अधिक यूरिया,डीएपी, एनपी के, जिंक सल्फेट, सूक्ष्म पोषक तत्व, खरपतवारनाशी दवाएं और कीटनाश कों की आवश्यकता होती है। लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में जल निकासी की व्यवस्था, मेड़ों की मरम्मत तथा फसलों को रोगों से बचाने के लिए दवाओं की भी जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे समय में उर्वरकों को समय पर उपलब्ध ता खेती की सफलता का महत्वपूर्ण आधार मानी जाती हैकिसानों का कहना है कि धान की रोपाई के बाद यूरिया का पहला छिड़ काव समय पर होना जरूरी है। यदि कुछ दिनों की भी देरी होती है, तो फसल की बढ़ वार प्रभावित हो सक ती है, जिसका सीधा असर पैदावारों पर ही पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से सर्वर की समस्या का तत्काल समाधान कराने तथा सभी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि सरकार किसानों को समय पर खाद उप लब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन तक नीकी बाधाओं और आपूर्ति सम्बन्धी समस्याओं के धरातल पर उन्हें भारीपरेशानि यों का सामना करना पड़ रहा है। अन्नदाता उम्मीद लगाए हुए बैठे हैं कि जल्द ही सर्वर की समस्या दूर होगी और पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्धकराया जाएगा, ताकि खरीफ सीजन की खेती प्रभावित न हो सके।

           हिन्दी संवाद न्यूज से
          असगर अली की खबर
            उतरौला बलरामपुर। 

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