अयोध्या/अयोध्या धाम के श्री राजगोपाल भगवान में परम पूज्य श्री सदगुरुदेव फलाहारी जी महराज जी के पावन सानिध्य में वर्तमान सर्वराहकार महांत सीताराम शरण जी महराज की अध्यक्षता में सामूहिक उपनयन संस्कार (जनेऊ) भव्यता एवं दिव्यता के साथ मन्दिर प्रांगण में सकुशल संपन्न हुआ l 
श्री राजगोपाल संस्कृत महाविद्यालय के वेद विभागाध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार तिवारी के आचार्यत्व एवं सभी शिक्षक बंधुओं के कुशल नेतृत्व में यज्ञोपवीत संस्कार  कार्यक्रम का संचालन व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ l
उपनयन संस्कार : जीवन के द्वितीय जन्म का पावन पर्व ॥
उपनयन संस्कार सनातन वैदिक परंपरा का एक दिव्य एवं महान संस्कार है। यह केवल यज्ञोपवीत धारण करने का अनुष्ठान नहीं, बल्कि ज्ञान, तप, अनुशासन, आत्मसंयम एवं धर्ममय जीवन की ओर प्रथम सशक्त कदम है। इसी संस्कार से बालक गुरु के सान्निध्य में वेदाध्ययन, गायत्री उपासना और सदाचारयुक्त जीवन का अधिकारी बनता है। इसलिए इसे 'द्विजत्व' अर्थात् आध्यात्मिक जीवन के द्वितीय जन्म का शुभारंभ कहा गया है।
श्री राजगोपालभगवान, वेदमाता गायत्री एवं पूज्य श्री गुरुदेव भगवान की असीम कृपा से यह पावन संस्कार बटुकों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश, चरित्र की दृढ़ता, विनम्रता, सेवा-भाव, आत्मबल एवं राष्ट्रधर्म के प्रति समर्पण का दिव्य संकल्प बनकर सदैव आलोकित रहे।

वैदिक मंगलकामना
ॐ यद् भद्रं तन्न आसुव।
ॐ भूर्भुवः स्वः। तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्॥
हार्दिक शुभकामनाएँ!
यह पावन उपनयन(जनेऊ)संस्कार समस्त परिवार के लिए आनंद, मंगल और आध्यात्मिक उन्नति का शुभ अवसर सिद्ध हो।


उमेश चन्द्र तिवारी 
9129813351
हिन्दी संवाद न्यूज 
उत्तर प्रदेश 

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