चालू वित्तीय वर्ष में स्मारकों/पुरास्थलों के अनुरक्षण एवं चहारदीवारी निर्माण हेतु 20 करोड़ 70 लाख रूपये की कार्ययोजना को मंजूरी

प्राचीन धरोहरों को भावी पीढ़ी के लिए संरक्षित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता-जयवीर सिंह


लखनऊ: 10 जुलाई, 2026



उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा कुल 275 स्मारकों, पुरास्थलों को राज्य के धरोहर के रूप में संरक्षित किया गया है एवं 40 स्मारकों पुरास्थल संरक्षण की प्रक्रिया में है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्मारकों, पुरास्थलों के अनुरक्षण, रेस्टोरेसन एवं चहारदीवारी निर्माण के लिए 2070 लाख अर्थात 20 करोड़ 70 लाख रूपये की धनराशि अनुमोदित की गयी है। इसका उद्देश्य प्रदेश के धरोहरों को भावी पीढ़ी के लिए सुरक्षित करना है। उ0प्र0 राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा इस दिशा में निरन्तर प्रयास किया जा रहा है।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पुरातत्व धरोहर के रूप में मध्य पाषाण काल, ताम्र पाषाण काल, उत्तर हड़प्पा काल, मौर्य काल, कुषाण काल तथा गुप्त काल से लेकर मध्य काल तक के स्मारकों एवं पुरास्थलों को संरक्षित किया गया है। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश के 25 जनपदों के 42 स्मारकों, पुरास्थलों का अनुरक्षण कार्य से संबंधित डीपीआर तैयार करते हुए वृहद अनुरक्षण कार्य कराये जाने की योजना।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत खासतौर से सोमनाथ मंदिर चित्रकूट जो 12वीं सदी नागशैली का प्र्रस्तर मंदिर, गुप्तारघाट मंदिर, अयोध्या के लगभग 12वीं सदी, गांधी स्मारक आगरा, बरसाना की छतरी मथुरा, रानी महल झांसी, रघुनाथ राव द्वितीय के द्वारा निर्मित, गुप्तकालीन बौद्ध, जैन एवं हिन्दू गुफा मंदिर, देवगढ़ ललितपुर, जनपद महराजगंज स्थित उत्खनित गुप्तकालीन बौद्ध स्तूप, पांचों शिवाला वाराणसी, घण्टाघर मिर्जापुर, रानी का तालाब प्रयागराज, प्राचीन बावली, संभल का अनुरक्षण, जनपद लखनऊ स्थित लगभग 3000 वर्ष प्राचीन पुरास्थल नटवाडीह का टीला आदि शामिल हैं।
श्री जयवीर सिंह ने बताया कि जनपद सुलतानपुर स्थित मौर्य कालीन पुरास्थल इटिहवा का टीला, जनपद सीतापुर स्थित मौर्यकाल से कुषाण कालीन पुरास्थल, मड़वाडीह का टीला एवं जनपद संतकबीर नगर स्थित लगभग 8000 वर्ष प्राचीन पुरास्थल लहुरादेवा की चहारदीवारी का कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। चहारदीवारी निर्माण के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 08 करोड़ रूपये की धनराशि बजट में प्रावधानित की गयी है। इसके अलावा चालू परियोजना टिकैतराय शिवमंदिर कानपुर हेतु प्रस्तावित धनराशि 165 लाख रूपये है।

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