उतरौला बलरामपुर - सरकार लाख सख्ती कर ले, लेकिन उतरौला तहसील में घरेलू गैस सिलेंडरों की काला बाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही। होटल, ढाबों और ठेलों पर कमर्शियल सिलेंडर की जगह धड़ल्ले से सब्सिडी वाली घरेलू गैस जल रही है। नतीजा,आम आदमी के घर काचूल्हा ठंडा पड़ा हुआ है। सूत्रों की माने तो गैस एजेंसी संचालक व कर्मचारी दो सौ से पांच सौ रूपए अधिक लेकर सिलेंडर मुहैय्या करा रहे हैं *लम्बी कतार, फिर भी खाली हाथ*
गैस एजेंसियों पर हर रोज सुबह से लम्बी लम्बी कतारें लगती है। उतरौला के मुन्ना ने 27 अप्रैल 2026 को मोबाइल से बुकिंग की थी, लेकिन 10 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिला। एजेंसी के मैने जर का दावा है कि रोज 250 सिलेंडर बंट रहे हैं। बुकिंग के तीन दिन बाद 950 रुपये में सिलेंडर दे दिया जाता है। ऑनलाइन बुकिंग पर दूसरे दिन होमडिली वरी भी हो रही है।
*यह सवाल- कहां जा रहे सिलेंडर*
अगर रोज 250 सिलेंडर बंट रहे हैं तो घरों तक क्यों नहीं पहुंच रहे। जवाब यह है कि होटल-ढाबे का नियम क्या कहता है कि कारोबार के लिए 19 किलो का कमर्शि यल सिलेंडर लेना जरूरी है। वह घरेलू से दो गुना महंगा पड़ता है। इसलिए ढाबा संचा लक सस्ते घरेलू सिलें डर से खाना बनाकर मुनाफा कमा रहे है। *इस पर अधिकारी बेखबर, जनता और जनता परेशान*
उपभोक्ताओं का आरोप है कि सप्लाई विभाग के अधिकारी जानकर भी अनजान बने हुए हैं। होटल-ढाबों पर छापेमारी नहीं हो रही। इसी वजह से घरेलू गैस की किल्लत और बढ़ती जा रही है। बुकिंग के बाद भी 7 से 10 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।लोगों ने जिलाधिकारी बल रामपुर से मांग की है कि अभियान चलाकर घरेलू सिलेंडर का व्याव सायिक उपयोग रोकें और दोषी एजेंसियों व अधिकारियों पर कार्य वाही करें। *वर्जन* _मौके से क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी से बात नहीं हो सकी। एजेंसी के मैनेजर ने कहा कि दलालों पर नजर है।_
*फोटो कैप्शन* पिडिया बुजुर्ग गैस एजेंसी पर सिलेंडर के लिए लाइन में खड़े उप भोक्ताओं को घरेलू गैस की किल्लत हो रहीं है।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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