बलरामपुर- केमिस्ट एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने 20 मई को होने वाली सांकेतिक राष्ट्रव्यापी हड़ताल के संबंध में एक ज्ञापन आज जिलाधिकारी बलरामपुर को सौंपा। इसी क्रम में संगठन की मजबूती दिखाते हुए जनपद की सभी तहसीलों के पदाधिकारियों और प्रतिनिधिमंडलों ने अपने-अपने क्षेत्र के उप-जिलाधिकारी को भी पत्र सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो छोटे दवा व्यापारियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
*प्रमुख मांगें और चिंताएं:*
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया:
•  *अवैध ई-फार्मेसी पर रोक* : ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के अनियंत्रित विस्तार से न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि बिना डॉक्टर के पर्चे के दवाइयां मिलने से जनस्वास्थ्य को भी खतरा है।
•  *प्रिडेटरी प्राइसिंग पर रोक* : बड़े कॉरपोरेट घराने भारी छूट और अनैतिक मूल्य निर्धारण के जरिए छोटे रिटेल दवा विक्रेताओं को बाजार से बाहर करने की साजिश रच रहे हैं। इसे तत्काल रोकने की आवश्यकता है। 
•  *अधिसूचना GSR 220(E) की वापसी:* कोविड-19 महामारी के दौरान जारी की गई पुरानी अधिसूचना GSR 220(E) अभी भी प्रभावी है। एसोसिएशन का तर्क है कि वर्तमान परिस्थितियों में इसका लागू रहना जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है और सरकार को इसे बिना विलंब वापस लेना चाहिए।


            हिन्दी संवाद न्यूज से
              रिपोर्टर वी. संघर्ष
                बलरामपुर। 

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