बबलू गर्ग ब्यूरो चीफ हिंदी संवाद न्यूज़
नई दिल्ली। टाउन हॉल, चांदनी चौक में 30 मार्च 1919 को अंग्रेजों के काले कानून रॉलेट एक्ट के विरोध में बलिदान देने वाले वीरों की स्मृति में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आर्य समाज के महान नेता स्वामी श्रद्धानन्द जी के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक आंदोलन को याद करते हुए उनके साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया गया।
कार्यक्रम में यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रवादी शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता जय भगवान गोयल ने कहा कि स्वामी श्रद्धानन्द ने समाज को एकजुट करने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य किया था, जो आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता, एकता और अपने मूल मूल्यों के प्रति समर्पण को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उनके द्वारा तलवार के डर पर हिन्दू से मुस्लिम बने हिन्दुओं की भी घर वापसी करवाई गई थी।
गोयल ने कहा कि संगठन समाजहित में विभिन्न जागरूकता अभियानों को निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा और लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत एवं परंपराओं के प्रति जागरूक करने का कार्य करेगा तथा स्वामी श्रद्धानंद के मार्गदर्शन पर चल कर हिन्दुओं की घर वापसी करवाएंगा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने स्वामी श्रद्धानन्द की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर सर्व ईश्वर पाल सिंह (राष्ट्रीय सचिव, यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट), धर्मेन्द्र बेदी (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट), अवध कुमार (संगठन महामंत्री, यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट), शंकर लाल अग्रवाल (प्रचार मंत्री, दिल्ली प्रदेश, यू.एच.एफ), विपिन कुमार सिंह (जिलाध्यक्ष, चांदनी चौक, यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट), मुकेश गुप्ता (प्रधान आई.एस.बी.टी, ऑटो इकाई), कृष्णा (मंडल अध्यक्ष, यमुना विहार), आर्य समाज के नेता महेन्द्र भाई आदि बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
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