औरैया // गेहूं और सरसों की तैयार फसल पर अब मौसम की मार पड़ रही है मंगलवार रात को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से गेहूं की मड़ाई पर ब्रेक लग गया है दूसरी तरफ गेहूं की फसल खेतों में गिर रही है, इससे कटाई का काम भी प्रभावित हो रहा है किसान इस बात से और भी चिंतित हैं कि आगे मौसम खराब होने का आसार भी बताए जा रहे है जिले में करीब 1.02 लाख हेक्टेयर में किसान गेहूं की फसल उगाते हैं। करीब पांच माह की कड़ी मेहनत से अब खेतों में फसल तैयार है। कई जगह कटाई और मड़ाई शुरू हो गई है इस बीच मौसम मुश्किल खड़ी कर रहा है बीते एक पखवाड़े में कई बार मौसम बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है मंगलवार रात को भी कुछ ऐसा ही हुआ रात करीब नौ बजे मौसम ने करवट बदली और तेज हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई करीब एक घंटे तक तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी होती रही। इसके चलते खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल में नमी आ गई। सुबह जगह किसान खेतों में मड़ाई के लिए पहुंचे तो फसल में नमी देखकर उन्हें काम रोकना पड़ा कई किसानों ने बताया कि नम फसल की कटाई में गेहूं में कचरा आता है साथ ही भूसा भी गठीला हो जाता है इसके साथ-साथ ट्रैक्टर में डीजल भी अधिक लगता है इसी कारण अन्य किसान भी बुधवार को मड़ाई नहीं करा सके कटी पड़ी सरसों की फसल में भी नुकसान है। हालांकि अधिकांश किसान सरसों की फसल घर पहुंचा चुके हैं लेकिन जहां भी देरी हुई है वहां चिंता बरकरार है मौसम बुधवार को सुबह साफ रहा ऐसे में दोपहर बाद किसान गेहूं के गट्ठर बांधते नजर आए।
वहीं कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राम पलट सिंह ने बताया कि तापमान में खास बदलाव नहीं आया अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री ही दर्ज किया गया मौसम में लगातार उतार चढ़ाव बना हुआ है मौसम का पूर्वानुमान भी किसानों के लिए राहत भरा नहीं है 2 और 3 अप्रैल को जहां बादल छाए रहने के आसार हैं तो 4 अप्रैल को बारिश का भी पूर्वानुमान है ऐसे में किसानों की मुश्किलें अभी और बढ़ सकती हैं हालांकि दूसरी तरफ बीच बीच में बूंदाबांदी से लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिल रही है लेकिन मौसम की जानकारी से किसानों के लिए समय से कार्य न कर पाने का जोखिम बढ़ गया है।
रिपोर्ट :- जितेन्द्र कुमार हिन्दी संवाद न्यूज उत्तर प्रदेश
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