बलरामपुर ///स्थानीय एम एल के पीजी कॉलेज बलरामपुर के संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष रहे डा कृपाराम तिवारी "अभिराम" को संस्कृत भाषा में उत्कृष्ट काव्य-सृजन के लिए देश के अनेक बड़े सम्मानों से कई बार विभूषित किया जा चुका है त्रिपाठी जी अनेक पुस्तकों के रचयिता हैं , और तराई के अक्सफ़ोर्ड एम एल के महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष रहते हुए संस्कृत भाषा के लिए बड़ी उपलब्धिया दिलाई हैं ।डॉ. कृपाराम त्रिपाठी जी को 'महामहोपाध्याय' उपाधि मिलने पर स्थानीय विद्वतजनों और कालेज के प्रोफेसर सहित सैकड़ो लोगो ने बधाई दी हैं।
बताते चलें देश की अत्यंत प्रतिष्ठित व पुरानी संस्था ''हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग'' द्वारा यह सम्मान प्रदान किया जाता है।संस्था ने इस साल यह पुरस्कार त्रिपाठी जी को दे रहा हैं जो बेहद गौरव का विषय है।
डॉ. कृपाराम त्रिपाठी "अभिराम जी" बलरामपुर के पहले व्यक्ति हैं जिन्हें इतनी प्रतिष्ठित संस्था से 'महामहोपाध्याय' जैसी गरिमामयी उपाधि मिलने जा रही है। इससे बलरामपुर के साहित्यिक समाज का गौरव बढ़ा है।
डॉ. कृपाराम त्रिपाठी जी हिन्दी विभाग के डा प्रकाश चंद्र गिरी, नीरजा मिश्रा, चंद्रेश्वर पाण्डेय, डा माधवराज द्विवेदी, पूर्व प्राचार्य डा ओ पी मिश्रा, अरुण प्रकाश पाण्डेय, चंदन पाण्डेय, कमल पाण्डेय, अनिल गौड़, अनिल निश्रा सहित दर्जनों लोगो ने शुभकामनायें देते हुए इसे बहुत बड़ी उपलब्धि बताई है।
उमेश चन्द्र तिवारी
9129813351
हिन्दी संवाद न्यूज़
बलरामपुर
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