मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित
‘नेशनल सिक्योरिटी एण्ड स्ट्रेटजिक स्टडी’ कार्यक्रम के प्रशिक्षुओं से संवाद किया

संवाद कार्यक्रम में भारतीय सशस्त्र बल, विभिन्न देशों की सेनाओं तथा
भारत सरकार की सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित

योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, फील्ड विजिट और
जवाबदेही तय करने से परिणाम मिलते हैं : मुख्यमंत्री

‘ट्रस्ट और टेक्नोलॉजी’ उ0प्र0 के परिवर्तन के दो प्रमुख आधार,
विगत 09 वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी

आज देश में सर्वाधिक हाई-वे और एक्सप्रेस-वे नेटवर्क उ0प्र0 के पास,
जेवर में देश का सबसे बड़ा अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा निर्माणाधीन, गंगा एक्सप्रेस-वे लगभग पूर्ण

प्रदेश सरकार ने ‘रूल ऑफ लॉ’ स्थापित करते हुए
अवैध वसूली और अराजकता पर प्रभावी नियंत्रण किया

बेहतर कानून व्यवस्था के कारण निवेश और विकास को नई गति मिली,
प्रदेश के हर मण्डल में साइबर फोरेंसिक लैब, प्रत्येक जिले में
फोरेंसिक मोबाइल वैन तथा 75 साइबर थाने स्थापित

उ0प्र0 डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर का तेजी से विकास हो रहा

जापान के उद्योग जगत ने उ0प्र0 में बड़े निवेश की रुचि व्यक्त की,
जल्द ही इन निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप मिलता दिखाई देगा
लखनऊ : 16 मार्च, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से आज उनके सरकारी आवास पर राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, रक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित ‘नेशनल सिक्योरिटी एण्ड स्ट्रेटजिक स्टडी’ कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय सशस्त्र बल, विभिन्न देशों की सेनाओं तथा भारत सरकार की सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधिमण्डल ने संवाद किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘ट्रस्ट और टेक्नोलॉजी’ उत्तर प्रदेश के परिवर्तन के दो प्रमुख आधार बने हैं। पिछले 09 वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी है और आज देश में सर्वाधिक हाई-वे और एक्सप्रेस-वे नेटवर्क उत्तर प्रदेश के पास है, जहां देश के लगभग 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे स्थित हैं। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में सुरक्षा एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन सरकार ने ‘रूल ऑफ लॉ’ स्थापित करते हुए अवैध वसूली और अराजकता पर प्रभावी नियंत्रण किया। बेहतर कानून व्यवस्था के कारण निवेश और विकास को नई गति मिली है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर का तेजी से विकास हो रहा है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई स्थापित है, जो एक एंकर यूनिट के रूप में अनेक छोटे उद्यमों को अवसर प्रदान करेगी। कानपुर नोड में भी बड़े निवेश आए हैं, जबकि हरदोई में वेब्ले स्कॉट उत्पादन इकाई है। उन्होंने अधिकारियों को उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर का दौरा करने के लिए भी आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जेवर में देश का सबसे बड़ा अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा निर्माणाधीन है, जबकि गंगा एक्सप्रेस-वे लगभग पूर्ण होने की अवस्था में है। कानून व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए प्रदेश के हर मण्डल में साइबर फोरेंसिक लैब, प्रत्येक जिले में फोरेंसिक मोबाइल वैन तथा 75 साइबर थाने स्थापित किए गए हैं।
डी0बी0टी0 व्यवस्था के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। ई-पॉस मशीनों के माध्यम से प्रदेश की लगभग 80 हजार उचित दर की दुकानों पर पारदर्शी तरीके से राशन वितरण सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही 01 करोड़ से अधिक निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को प्रतिवर्ष 12,000 रुपये की पेंशन सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश में अब तक 62 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं और आज ही 90 हजार नए लाभार्थियों को भी इस योजना से जोड़ा गया है।
संवाद के दौरान अधिकारियों ने यह प्रश्न किया कि भारत में अनेक अच्छी नीतियां बनती हैं, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाता। इस पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, फील्ड विजिट और जवाबदेही तय करने से ही परिणाम प्राप्त होते हैं।
अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री जी से उनकी सिंगापुर और जापान यात्राओं के अनुभव के बारे में भी प्रश्न किया गया। इस पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापान का सिविक सेंस, स्वच्छता और अनुशासन अत्यन्त अनुकरणीय है। वहां ग्रीन एनर्जी, ट्रांसपोर्ट मोबिलिटी और अत्याधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग देखने को मिलता है। वहां के उद्योग जगत ने उत्तर प्रदेश में बड़े निवेश की रुचि व्यक्त की है और जल्द ही इन निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप मिलता दिखाई देगा।
इस प्रतिनिधिमण्डल का नेतृत्व राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली के कमांडेंट एयर मार्शल मनीष कुमार गुप्ता कर रहे थे। प्रतिनिधिमण्डल में भारतीय सशस्त्र बल, विभिन्न देशों की सेनाओं तथा भारत सरकार की सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इनमें ब्रिगेडियर समीर मेहरोत्रा, श्री परिमल सिन्हा, ब्रिगेडियर विपुल सिंह राजपूत, कमोडोर जे0एम0बी0एस0बी0 जयवीरा (श्रीलंका नौसेना), ब्रिगेडियर भारत भूषण, कर्नल जावख्लानबयार डोंडोगदोरज (मंगोलिया), कमोडोर शरद सिन्सुनवाल, कर्नल इब्राहिम नईम (मालदीव नौसेना), ब्रिगेडियर सूर्यवीर सिंह राजवी, ब्रिगेडियर सुमित अबरोल, श्री संजय जोसेफ, ब्रिगेडियर मुरली मोहन विरुपसमुद्रम लक्ष्मिसा, कर्नल होवहानेस खानवेल्यान (आर्मेनियन एयर फोर्स), एयर कमोडोर मंटिना सुब्बा राजू, एयर कमोडोर फेलिक्स पैट्रिक पिंटो तथा कर्नल ई0बी0 गुस्तावो मोरेइरो मैथियास (ब्राजील) शामिल थे।
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