उतरौला बलरामपुर- नगर में अवैध अतिक्रमण और जाम की समस्या लगातार गम्भीर होती जा रही है,जबकि प्रशासन के द्वारा बनाए गए नियम और दिए गए निर्देश प्रभावी रूप से लागू होते ही नजर नहीं आ रहे हैं। सड़कों और पटरियों पर फैले अति क्रमण के कारण आम जनता को रोजमर्रा से आवागमन में भारी परे शानियों का सामना करना पड़ रहा है,जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है। गौरतलब हो कि पूर्व में आयोजित तहसील दिवस के दौरान जिलाधिकारी पवन कुमार जैन ने उतरौला क्षेत्र का निरीक्षण कर अवैध अतिक्रमण हटाने लिए के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। उनका उद्देश्य यह था कि बाजार क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाना था। इसके तहत तहसी ल परिसर से बस स्टेशन तक सीमित स्तर पर अभियान भी चलाया गया, लेकिन यह कार्य वाही कुछ दिनों में ही ठप पड़ गई।आधे-अधूरे अभियान के कारण अतिक्रमण कारियों के हौसले और भी बुलन्द हो गए हैं, और स्थिति फिर से जस की तस हो गई।वर्तमान हालात यह हैं, कि दुकानदारों के द्वारा सड़क की सीमा पार कर दुकानें फैला दी गई हैं। फुट पाथ पूरी तरह से कब्जे में हैं, जिससे पैदल राहगीरों को सड़क पर चलना पड़ता है। इससे आए दिन जाम की स्थिति और भी बन गई है, और दुर्घटनाओं की आशंका आए दिन बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा,कि नगर पालिका और प्रशा सनिक अधिकारी इस गम्भीर समस्या पर मौन साधे हुए हैं, जिससे जिलाधिकारी के आदे शों की अनदेखी हो रही है।अतिक्रमण का सीधा असर शैक्षणिकसंस्थानों पर भी पड़ रहा है। राज कीय बालिका इण्टर कॉलेज और मोहम्मद यूसुफ उस्मानी इण्टर कॉलेज के अलावा अन्य विद्यालयों में पढ़ने वाले सभी छात्र छात्रा ओं को प्रतिदिन आवा गमन में कठिनाई होती है। साथ ही भारी वाहनों का कस्बे के भीतर से गुजरना स्थिति को और भयावह बन हुआ है।
जनता ने प्रशासन से मांग की है कि चयनात्म क कार्यवाही बन्द कर पूरे नगर क्षेत्र में निष्पक्ष और सख्त अतिक्रमण हटाओ अभियान चला या जाए, ताकि जाम से निजात मिल सके, और आम नागरिकों को सुर क्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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