जलालपुर, अम्बेडकर नगर: मकर संक्रांति के पावन पर्व पर तमसा श्रेष्ठ ट्रस्ट ने गौ-सेवा और सामाजिक सद्भाव का एक अनूठा एवं प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। ट्रस्ट अध्यक्ष केशव श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष आलोक बाजोरिया एवं विकास निषाद के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ताओं ने गौशाला विकासनगर कालोनी पहुँचकर एक विशेष सेवा अभियान चलाया। इस दौरान प्रत्येक गाय को पौष्टिक तिल और गुड़ का प्रसाद खिलाया गया, जो सर्दी के मौसम में उनके स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न होकर, समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को एक मंच पर लाने वाला सामुदायिक उत्सव बन गया। स्थानीय युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सभी ने बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा लिया, जिससे क्षेत्र में सामूहिक सद्भाव और एकजुटता का वातावरण निर्मित हुआ।
ट्रस्ट अध्यक्ष केशव श्रीवास्तव ने अपने संदेश में कहा, “हमारी संस्कृति और परंपराओं में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। मकर संक्रांति जैसे शुभ दिन पर उनकी सेवा करना न केवल धार्मिक कर्तव्य है, बल्कि यह मानवता और प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। तिल और गुड़ जहाँ ऊर्जा और स्वास्थ्य का स्रोत हैं, वहीं ये सामाजिक एकता, स्नेह और प्रकृति के प्रति सम्मान का भी संकेत करते हैं। हमारा उद्देश्य यह संदेश देना है कि सेवा और सद्भाव के माध्यम से ही एक समृद्ध और समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है।”
इस अवसर पर, ट्रस्ट के सदस्यों ने गौशाला की सफाई का कार्य भी किया, तथा पशुओं के लिए स्वच्छ पेयजल और अतिरिक्त चारे का प्रबंध किया। कार्यक्रम में सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए सभी धर्मों और वर्गों के लोगों को एक साथ बैठकर प्रसाद वितरित करने का भी आयोजन किया गया, जिसने पारस्परिक प्रेम और भाईचारे की भावना को मजबूत किया।
यह पहल केवल एक धार्मिक गतिविधि न होकर एक सामाजिक-पर्यावरणीय अभियान बन गई, जिसने लोगों को प्रकृति और पशुधन के प्रति दायित्वबोध का संदेश दिया। तमसा श्रेष्ठ ट्रस्ट की इस सामूहिक पहल से न केवल गौ-सेवा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी, बल्कि यह समाज में सेवा, एकता और सहयोग के नए आयाम स्थापित करने वाली एक मिसाल भी बन गई।
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