राष्ट्रीय बैंकिंग हड़ताल पर 

 

आज की राष्ट्रीय बैंकिंग हड़ताल ने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया – पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह और बैंकर्स की मांगों को अब और टाला नहीं जा सकता

आज देशभर में बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा आहूत राष्ट्रीय बैंकिंग हड़ताल ऐतिहासिक रूप से सफल रही। सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में व्यापक भागीदारी के कारण बैंकिंग कार्य लगभग पूरी तरह ठप रहा और पूरे देश में बैंकों का चक्का जाम देखा गया।

यह हड़ताल केंद्र सरकार की बैंकर्स विरोधी नीतियों, बढ़ते कार्यभार, कर्मचारी एवं अधिकारियों की कमी, वर्क-लाइफ बैलेंस की उपेक्षा तथा पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह के समझौते को लागू न किए जाने के विरोध में आयोजित की गई थी। बैंकर्स ने आज एकजुट होकर यह सिद्ध कर दिया कि वे अपने अधिकारों और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों के लिए किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को तैयार हैं।

पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग केवल सुविधा की नहीं, बल्कि बैंकिंग कर्मचारियों के स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन और दक्षता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। सरकार ने वेतन समझौते के समय दिए गए वादे को अभी तक लागू नहीं किया, जिससे बैंकर्स में व्यापक रोष व्याप्त है।

आज की हड़ताल ने सरकार और नीति निर्माताओं को स्पष्ट संकेत दे दिया है कि बैंकिंग सेक्टर के कर्मचारियों की जायज मांगों को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं होगा। यदि सरकार शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो भविष्य में और भी बड़े आंदोलन के लिए बैंकर्स बाध्य होंगे।

हम देशभर के सभी बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों को इस ऐतिहासिक हड़ताल को सफल बनाने के लिए धन्यवाद देते हैं और जनता से हुए असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं। यह संघर्ष बैंकिंग प्रणाली को मजबूत, सुरक्षित और कर्मचारी-अनुकूल बनाने के लिए है, जो अंततः देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के हित में है।

अक्षय कुमार 

उपाध्यक्ष 

नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (NOBO)

राष्ट्रीय महासचिव

आल इंडिया फेडरेशन ऑफ यूको बैंक ऑफिसर्स NOBO BMS

दिनांक: 27 जनवरी 2026

स्थान: लखनऊ

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