बलरामपुर- बिजलीपुर मंदिर के महंत एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गोविंद गिरी व विनोद मिश्रा की के पत्नी के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके आकस्मिक निधन की सूचना मिलते ही अधिवक्ता समुदाय में गहरा दुख व्याप्त हो गया।
इस अवसर पर न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं द्वारा एकत्र होकर सीनियर अधिवक्ता गोविंद गिरी एवं विनोद मिश्रा की पत्नी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए 5 मिनट का मौन रखा गया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अधिवक्ताओं ने कहा कि गोविंद गिरी न केवल एक कुशल एवं अनुभवी अधिवक्ता थे, बल्कि धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
सहकर्मियों ने उनके सरल स्वभाव, न्यायप्रियता और समाज सेवा के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा कि उनका निधन अधिवक्ता समाज और क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
ईश्वर से प्रार्थना की गई कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति दें। इस दौरान जिला जज बलरामपुर व अन्य विद्वान न्यायाधीश मौजूद थे अध्यक्ष अजय बहादुर सिंह महामंत्री के जी श्रीवास्तव गोमती त्रिपाठी मोनू सिंह संजय तिवारी कमलेश्वर सिंह राजेश त्रिपाठी युवा बार संघ के अध्यक्ष अनिल शुक्ला राजेश त्रिपाठी राजकुमार श्रीवास्तव कुलदीप सिंह पवन शुक्ला पवन वर्मा अजीत शुक्ला लालजी अनूप अंबुज सिंह पप्पू अभिनव त्रिपाठी हरिबंस सिंह राघवेंद्र प्रताप सिंह पुष्पेंद्र पांडे विष्णु कुमार त्रिपाठी आदि मौजूद थे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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