अभद्र टिप्पणी को लेकर हिंन्दू संगठनों ने स्वामी प्रसाद मौर्य का पुतला फूंक कर जताया विरोध







  बहराइच()रुपईडीहा  भारत नेपाल सीमावर्ती रुपईडीहा कस्बे के सेन्ट्रल बैंक चौराहा पर हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथ रामचरित मानस के विरुद्ध की गयी अभद्र टिप्पणी को लेकर हिंन्दू संगठनों के युवा व क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों ने रुपईडीहा कस्बे के साकेत नगर से एक विशाल जुलूस लेकर शाम लगभग 4 बजे पहुंच कर स्वामी प्रसाद मौर्य का पुतला दहन किया और स्वामी प्रसाद मौर्य मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए मौर्य के चित्र पर जूते बरसाये।
     इस अवसर पर अपने  संबोधन में भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ रुपईडीहा के मंडल अध्यक्ष डॉ सनत कुमार शर्मा ने कहा कि सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने हमारे सनातन धर्म का अपमान करते हुए गोस्वामी तुलसीदास व राम चरित मानस पर अभद्र टिप्पणी की है। इसका तोहफा अखिलेश यादव ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बना कर दिया है। किसी अन्य धर्म व संप्रदाय के विरुद्ध ऐसा कुकृत्य किया होता तो अबतक स्वामी प्रसाद मौर्य की हत्या हो गयी होती। परंतु हिन्दू धर्म धार्मिक सहिष्णुता के लिए विश्व मे जाना जाता है। हम स्वामी प्रसाद मौर्य पर एनएसए लगाने की मांग करते हैं। इस अवसर पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ता ने स्वामी प्रसाद मौर्य के विरुद्ध मुर्दाबाद आदि के नारे लगाए। इस मौके पर जिला भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य रमेश कुमार अमलानी व रतन कुमार अग्रवाल,किसान मोर्चे के अध्यक्ष भीमसेन मिश्र,भाजपा युवा मोर्चे के अध्यक्ष शिवराज सिंह, विजय सिंह, विजय त्रिपाठी, चन्द्र प्रकाश मिश्रा, पूर्व भाजपा मंडल महामंत्री देवेंद्र पाठक, ललित त्रिपाठी, मंडल भाजपा अध्यक्ष अजय मिश्र, डॉ उमाशंकर वैश्य, अजय मित्तल, सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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