उतरौला बलरामपुर -उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से तैयार की जा रही पदोन्नति वरिष्ठतासूची को लेकर शिक्षकों में असन्तोष व्याप्त है। वरिष्ठता निर्धारण में प्रथम नियुक्ति तिथि को प्राथमिकता देने की मांग उठाते हुए विकास खण्ड गैड़ास बुजुर्ग के शिक्षकों ने खण्ड शिक्षाअधिकारी डॉक्टर स्वामी नाथ को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में तैयार की जा रही वरिष्ठता सूची में कथित विसंगतियों पर आपत्ति जताते हुए पारदर्शी एवं न्याय संगत व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है।शिक्षकों का कहना है कि वरिष्ठता निर्धा रित करने का मुख्य आधार प्रथम नियुक्ति तिथि होनी चाहिए। जिन शिक्षकों ने पहले सेवा ग्रहण की है,उन्हें वरिष्ठता सूची में प्राथ मिकता मिलनीचाहिए क्योंकि यह उनका संवैधानिक एवं सेवा सम्बन्धी अधिकार है। यदि दो या दो से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति तिथि समान है, तो ऐसी स्थिति में जन्म तिथि के आधार पर वरिष्ठता निर्धारित की जाए, और अधिक उम्र वाले शिक्षक को वरीयता भी दी जाये।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि प्रदेश के कई जनपदों में वरिष्ठता सूची तैयार करने के लिए प्रथम नियुक्ति तिथि और जन्मतिथि को आधार बनाया गया है। ऐसे में पूरे प्रदेश में एक ही समान नियम लागू होना चाहिए, ताकि अलग-अलग जनपदों में अलग-अलगमानक अपनाने से शिक्षकों के साथ कोई भी भेद भाव न हो। शिक्षकों ने वरिष्ठता सूची में सामने आ रही विसंग तियों को दूर कर संशो धित प्रारूप सूची दोबारा प्रकाशितकरने तथा सभी आपत्तियों का पारदर्शी ढंग से निस्तारण करने के बाद ही अन्तिम सूची जारी करने की मांग की गई है।ज्ञापन के माध्यम से जिला बेसिक शिक्षा अधि कारी से विवादित वरिष्ठता सूची पर तत्काल रोक लगाकर प्रथम नियुक्ति तिथि एवं जन्मतिथि के आधार पर नई पार दर्शी सूची तैयार कराने का अनुरोध भी किया गया है। ज्ञापन सौंपने वालों में राजेश कुमार, कल्लू भारती, कैश राम यादव , सुभाष यादव , दिनेश पाल के अलावा कई शिक्षक मौजूद रहे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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