बलरामपुर- उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जनपद बलरामपुर में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उनके द्वारा निर्मित उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने तथा महिला उद्यमिता एवं स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज एमपीपी इंटर कॉलेज, बलरामपुर में तीन दिवसीय *सरस मेला–2026 का भव्य शुभारंभ* हुआ। यह मेला दिनांक 02 नवंबर से 04 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देशन में आयोजित सरस मेले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन, विपणन एवं बिक्री के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ ही वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
*स्वयं सहायता समूहों की दीदियों के हुनर एवं उद्यमिता को मिला नया मंच*
सरस मेले में जनपद के विभिन्न विकास खंडों से स्वयं सहायता समूहों की दीदियों द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री हेतु आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को अपने हुनर, परिश्रम एवं उद्यमिता का प्रदर्शन करने तथा अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
मेले के माध्यम से समूहों की दीदियों को अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के साथ-साथ ग्राहकों की पसंद, बाजार की मांग एवं उत्पादों की गुणवत्ता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे भविष्य में उनके व्यवसाय को विस्तार देने एवं स्वरोजगार गतिविधियों को अधिक लाभकारी बनाने में सहायता मिलेगी।
*शिक्षा एवं पंचायती राज विभाग के साथ एमओयू, समूहों के उत्पादों को मिलेगा संस्थागत बाजार*
सरस मेला–2026 के शुभारंभ अवसर पर ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इसके अंतर्गत शिक्षा विभाग एवं पंचायती राज विभाग द्वारा स्वयं सहायता समूहों की दीदियों के साथ उनके द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीद के संबंध में समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया।
इस पहल से स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को संस्थागत स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त होंगे। विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप समूहों के उत्पादों की खरीद को बढ़ावा मिलने से उत्पादों की मांग में वृद्धि होगी तथा समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए नियमित एवं स्थायी आय के नए अवसर विकसित हो सकेंगे।
यह पहल स्वयं सहायता समूहों को केवल स्थानीय बाजार तक सीमित न रखकर संस्थागत क्रय व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को व्यापक पहचान मिलने के साथ-साथ उनकी उत्पादन क्षमता, व्यावसायिक दक्षता एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।
*सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियों से सजा सरस मेला*
सरस मेले के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को आकर्षक एवं उत्साहपूर्ण बनाया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय संस्कृति, कला एवं प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ ही मेले के वातावरण को उल्लासमय बनाया गया।
सरस मेला ग्रामीण उत्पादों के विपणन के साथ-साथ ग्रामीण संस्कृति, स्थानीय प्रतिभाओं एवं सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
*महिला सशक्तीकरण एवं आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल*
सरस मेले के आयोजन से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध होने के साथ-साथ व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार का अवसर मिलेगा। समूहों की दीदियां अपने उत्पादों की बिक्री के माध्यम से आय अर्जित करने के साथ ही आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने तथा उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सरस मेला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण आयोजन है।
इस प्रकार के आयोजनों से स्थानीय उत्पादों के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ता है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार उत्पादों को नई पहचान मिलती है। साथ ही महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं उद्यमशीलता की भावना को भी प्रोत्साहन मिलता है।
*जनपदवासियों से सरस मेले में पहुंचकर खरीदारी करने की अपील*
जिला प्रशासन द्वारा जनपदवासियों से अपील की गई है कि वे दिनांक 02 से 04 नवंबर 2026 तक एमपीपी इंटर कॉलेज, बलरामपुर में आयोजित सरस मेले में अपने परिवार एवं मित्रों के साथ अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें।
मेले में स्वयं सहायता समूहों की दीदियों द्वारा तैयार उत्पादों की खरीदारी कर उनके हुनर, मेहनत एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करें। स्थानीय उत्पादों की खरीद से ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ने के साथ ही जनपद की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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