उतरौला बलरामपुर - तहसील परिसर से लेकर अधिकारी के चेम्बर्स तक आवारा कुत्तों का जमावड़ा बना रहता है। फरियादियों के लिए काफी परेशानी का कारण बन सकता है, तहसील में प्रतिदिन अपनी समस्याओं के समाधान और राजस्व सम्बन्धी कार्यों के लिए आने वाले फरियादियों को परिसर व चेम्बर्स में घूम रहे, आवारा कुत्तों के बीच से गुजरना पड़ रहा है।इससेलोगों में असुरक्षा कीभावना बनी रहती है।तहसील परिसर एक महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं। कोई जमीन से जुड़े विवाद के निस्तारण के लिए आता है, तो कोईआय जाति, निवास प्रमाण पत्र और अन्य राजस्व सम्बन्धी कार्यों केलिए अधिकारियों के कार्या लयों के लिए चक्कर लगाना पड़ता है। ऐसे में परिसर व चेम्बर्स में आवारा कुत्तों की मौजूदगी के चलते असुविधा का कारण बना हुआ है।बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो भी काफी परेशानी हो सकती है। तहसील में आने वाले फरियादियों में बुजुर्ग महिलाएंऔर बच्चे भी शामिल होते हैं। परिसर में यदि आवारा कुत्ते झुंड में घूमते रहते हैं,तो लोगों को उनके अचानक दौड़ने या भौंकने से काफी परेशानी हो रही है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों के लिए भी ऐसी स्थिति जोखिम पूर्ण साबित हो सकती है।सरकारी कार्यालयों मेंआनेवाले लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। ऐसे में तहसील परि सर में आवारा कुत्तों की समस्या को नजर अंदाज करना उचित नहीं है।जिम्मेदारअधि कारियों से कार्यवाही की अपेक्षा तहसील परिसर में आवारा कुत्तों की समस्या से निजात दिलाने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने चाहिए। नगर पालिका प्रशा सन और सम्बन्धित विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर कुत्तों को मानवीय तरीके से पकड़ने, उन की नसबंदी और टीकाकरण जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही साथ परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने और कुत्तों के जमावड़े के कारणों को दूर करने की भी जरूरत है, फरियादियों को राहत मिलने की उम्मीद है कि न्याय और प्रशासनिककार्यों के लिए तहसील पहुंचने पर लोगों को पहले से ही विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में परिसर में घूम रहे आवारा कुत्तों की समस्या से उनकी मुश्किलें और भी बढ़ सकती है। लोगों की सुरक्षा और सुविधाको ध्यान में रखते हुए सम्बन्धित अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे इस समस्या को संज्ञान में लेकर उचित कार्यवाही करें, ताकि तहसील परिसर में आने वाले फरियादियों को राहत मिल सके।अब देखना यह है कि सम्बन्धित अधिकारी इस समस्या को कितनी गम्भीरता से लेते हैं और तहसील परिसर में फरियादियों के लिए सुरक्षित एवं सुविधा जनक बनाने के लिए कब तक कदम उठाते हैं।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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