कानपुर // चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर में आयोजित तीन दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय किसान मेले के दूसरे दिन सांस्कृतिक मंच पर लोकगीतों की धूम रही।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोक गायक विरहा सम्राट कंचन लाल यादव ने अपनी प्रस्तुति से पंडाल में बैठे दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया उनकी बिरहा गायकी पर 8 राज्यों से आए किसान भाई झूम उठे किसान मेले में देश के 8 राज्यों के किसान अपनी कृषि प्रतिभा का प्रदर्शन करने पहुंचे हैं दूसरे दिन लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रहा।
प्रसिद्ध लोक गायक एवं किसान नेता विरहा सम्राट कंचन लाल यादव ने मंच पर आते ही किसानों के सम्मान में एक जोरदार गीत प्रस्तुत किया जिससे पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा उनके गीत ने किसानों में नया जोश भर दिया।
अन्त में उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि किसान इस देश की आत्मा है और जब तक किसान खुशहाल नहीं होगा देश तरक्की नहीं कर सकता, कानपुर की इस धरती से हम किसान एकता का नया इतिहास लिखेंगे और अपने देश को फिर से जैविक बनायेंगे।
रिपोर्ट :- जितेन्द्र कुमार हिन्दी संवाद न्यूज उत्तर प्रदेश
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