***फर्जी और जाली दस्तावेजों के बल पर साईबर ठगी कर लाखों का चूना लगाने वाले गैंग का शातिर गुर्गा आशीष साईबर पुलिस की गिरफ्त में***
रिपोर्ट ***सैय्यद जावेद अखतर***
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर साईबर थाना प्रभारी निरीक्षक भरत कुमार और उनकी टीम ने कड़ी मेहनत के बाद फर्जी और जाली दस्तावेजों के दम पर ई-केवाईसी और सिम फार्मिंग कर साईबर ठगी करने वाले गिरोह के फरार चल रहे शातिर गुर्गे को दबोचने में कामयाबी हासिल की।
साईबर थाना प्रभारी निरीक्षक भरत कुमार ने बताया कि दबोचे गये शातिर गुर्गे के कब्जे से आठ सिम कार्ड के साथ ही फर्जी और जाली-केवाईसी से एक्टिवेट किये गये तीन सिमकार्डों के कई राज्यों में तीन एनसीआरपी शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। गैंग ने एक्टिवेट किये गये सिमकार्ड कई राज्यों में साइबर अपराधों में इस्तेमाल किये गये हैं। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर 2026 को मौदहा के पढोरी गांव निवासी रानी पत्नी अरविन्द की तहरीर पर साइबर पुलिस ने मु0अ0सं0- 13/2026 धारा 318(4)/336(3) बीएनएस 66(C)/66(D) आईटी एक्ट में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया गया था। जिसके बाद पुलिस कप्तान मृगांक शेखर पाठक ने वारदात के जल्द खुलासे के लिये एड.एसपी,सीओ सदर की अगुवाई में टीम का गठन किया था। वहीं जब टीम इस मामले की तफ्तीश कर रही थी,तो दौराने तफ्तीश राठ के 23 वर्षीय सिकन्दरापुरा निवासी आशीष पुत्र सतीश कुमार का नाम सामने आया था। जिसके बाद पुलिस ने हमीरपुर के राठ तिराहे के पास संकरी पीपल से 8 अदद ब्लैंक सिम कार्ड, के साथ शातिर गुर्गे को दबोच लिया गया। इस मामले में धारा- 61/338/340(2) बीएनएस के साथ ही 42(3)(e) टेलीकॉम एक्ट को भी बढ़ाया गया है। साईबर पुलिस ने बताया कि दबोचा गया शातिर गुर्गाआशीष पुत्र सतीश कुमार पास एजेंट के तौर में काम करता था। और समूह लोन दिलाने के लिये केवाईसी कराने के नाम पर उनकी जानकारी और मर्जी के बिना उनके नाम से सिम कार्ड निकाल कर साइबर मुजरिमों को ऊंचे दामों पर बेच देता था, वहीं एनसीआरपी पोर्टल/समन्वय पोर्टल की जांच से यह भी साबित हुआ है कि आशीष के ने 3 सिमकार्ड निकाले थे, जिस पर 3 राज्यों में साइबर फ्रॉड की 3 वारदातों को अंजाम देकर लाखों की साइबर ठगी की गई है। शातिर गुर्गे को दबोचने वाली टीम में खासतौर से प्रभारी निरीक्षक साईबर थाना भरत कुमार,एस आई सचिन शर्मा प्रभारी स्वाट टीम,एस आई कृष्णदेव त्रिपाठी प्रभारी सर्विलांश सेल,एस आई अजीत सिंह साइबर सेल,कांस्टेबल प्रवीन यादव सहित कांस्टेबल चन्द्रभवन दिवाकर शामिल रहे।

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