उतरौला बलरामपुर - मूसलाधार बारिश और तेज आंधी- तूफान ने उतरौला तहसील क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है।नगर से लेकर दूर दराज के ग्रामीण इलाकों तक बिजली आपूर्ति बाधि त होने से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। कई स्थानों पर विद्युत पोल गिरने, तार टूटने और विद्युत उपकरणों के क्षतिग्रस्त होने से काफी संकट और गहरा गया है। लगा तार बिजली कटौती के बीच उपभोक्ताओं में विभागीय व्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
विद्युत संकट को देखते हुए जिलाधि कारी स्तर से बिजली विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाने तथा अतिरिक्त संसाधन और कर्मचारियों की मदद से विद्युत व्यव स्था शीघ्र सामान्य कराने का आश्वासन भी दिया गया था। इसके बावजूद उतरौ ला क्षेत्र के कई हिस्सों में आपूर्ति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। उपभोक्ताओं का कहना है किआश्वासन के बाद भी बिजली बहाली की गति अपे क्षा के अनुरूप दिखा ई नहीं दे रही है।कहीं पोल की धराशायी,तो कहीं घरों की छतों तक पहुंचे तार आंधी- बारिश के बाद गैंडास बुजुर्ग फीडर से जुड़े कई गांवों में विद्युत पोल गिरने और तार टूटने की शिकायतें सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर टूटे हुए तार घरों की छतों तक पहुंच गए हैं, जिससे लोगों में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर बिजली आपूर्तिबहाल करने से पहले क्षति ग्रस्त लाइन और पोल को सुरक्षित करना बेहद ही जरूरी है।
स्थानीय लोगों के मुता बिक कई जगहों पर बिजली विभाग को खराबी की सूचना दी जा चुकी है। इसके बावजूद मरम्मत कार्य में देरी होने का आरोप लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि लम्बे समय तक बिजली न रहने से केवल रोशनी की समस्या नहीं है, बल्कि पेयजल, मोबा इल चार्जिंग,घरेलू काम काज और छोटे कारो बार भीप्रभावित हो रहे हैं। बिजली गुल होने से पेयजल व्यव स्था भी प्रभावित बिजली आपूर्ति बाधित रहने का सीधा असर ग्रामीण और नगर क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। घरों में पानी की मोटर नहीं चल पा रही है। इन्वर्टर और मोबाइल की बैटरी खत्म होने के बाद लोगों की परेशानी और भी बढ़ गई है। वहीं बिजली परनिर्भर छोटे दुकानदारों और कारोबारियों के काम काज पर भी इसका काफी असर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अधिक चुनौती पूर्ण बताई जा रही है, जहां बिजली कटौती के साथ-साथ क्षति ग्रस्त विद्युत लाइनें और पोल सुरक्षा के लिए भी चिन्ता का कारण बना हुआ हैं।
शिकायतों के बावजूद कार्यवाही में देरीकरने पर उपभोक्ताओं का आरोप है कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने की जानकारी सम्ब न्धित कर्मचारियों और अधिकारियों को लगा तार दी जा रही है। इसके बावजूद कई स्थानों पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी मौके पर टीम पहुंचने में काफी समय लगा देती है।लोगों का कहना है कि प्राकृति क आपदा के बाद बिजली विभाग के सामने निश्चित रूप से बड़ी चुनौती है,लेकिन प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता केआधार पर चिन्हित कर वहां पर अतिरिक्त टीमें भी लगाई जानी चाहिए। साथ ही साथ उप भोक्ताओं ने यह भी बताया कि किस क्षेत्र में क्या खराबी है और उसे ठीक करने के लिए विभाग की टीम कब तक पहुंच रही है।विभाग का दावा है कि मरम्मत कार्य तेजी से जारी है वहीं पर विद्युत विभाग की ओर से बताया गया है कि तेज आंधी और बारिश के कारण विद्युत व्यवस्था को व्यापक नुकसान पहुंचा है। क्षतिग्रस्त पोल, तार और अन्य विद्युत उपकरणों की मरम्मत के लिए टीमें भी लगाई गई हैं। विभाग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से विद्युत आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।अब सवाल यह है कि आखिर कब पूरी तरह से सामान्य होगी। बिजली प्राकृतिक आपदा से विद्युत ढांचे को हुए नुकसान के कारण मरम्मत में समय लगना स्वाभा विक है, लेकिन उप भोक्ताओं की चिन्ता इस बात को लेकर है कि बिजली कब तक सामान्य होगी, और प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत का काम किस स्तर पर पहुंचा है। नगर वासियों और ग्रामीणों नेजिलाधिका री तथा विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि उतरौ ला क्षेत्र में अतिरिक्त विद्युत कर्मियों और संसाधनों की तैनाती कर प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य कराया जाए। जहां पोल और तार गिरने से दुर्घटना का खतरा है, वहां पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। फिलहाल बारिश और आंधी के बाद पैदा हुआ बिजली संकट उतरौ ला के लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन और विद्युत विभाग की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं कि अतिरिक्त संसाधन लगाने के निर्देश के बाद भी आखिर कब तक नगर और ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से अपनी पटरी पर लौट ती है।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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