जनपद बलरामपुर- जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत गठित जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट में संपन्न हुई। बैठक में बाल संरक्षण, देखरेख एवं पुनर्वास से संबंधित गतिविधियों, बाल कल्याण समिति तथा जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्यों एवं विभिन्न बाल कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एवं उन्हें शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना प्राथमिकता है। उन्होंने बाल सेवा योजना के तहत पात्र बच्चों को चिन्हित करते हुए अधिक से अधिक बच्चों को योजना से लाभान्वित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र बच्चा जानकारी अथवा प्रक्रिया के अभाव में योजना के लाभ से वंचित न रहे।
इसी क्रम में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अधिक से अधिक पात्र बालिकाओं को लाभान्वित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद में ‘विशेष कन्या सप्ताह’ आयोजित करते हुए पात्र बालिकाओं की पहचान, आवेदन एवं योजना से लाभान्वित किए जाने की कार्रवाई अभियान के रूप में सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में पॉक्सो एक्ट के तहत बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत मामलों की समीक्षा की गई। मई से अगस्त 2026 तक मई में 14, जून में 16, जुलाई में 14 तथा अगस्त में 09 नवीन प्रकरण दर्ज हुए। संबंधित महीनों में क्रमशः 14, 15, 14 एवं 09 प्रकरण निस्तारित किए गए। जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग एवं नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
दत्तक ग्रहण हेतु स्वतंत्र घोषित/लंबित प्रकरणों तथा बाल कल्याण समिति द्वारा सपोर्ट पर्सन को सौंपे गए/आदेशित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। मई से अगस्त 2026 के दौरान सपोर्ट पर्सन को कुल 07 प्रकरण सौंपे गए/आदेशित किए गए।
जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा किशोर न्याय बोर्ड को मई में 16, जून में 11, जुलाई में 18 तथा अगस्त में 11 सहित कुल 56 सामाजिक अन्वेषण रिपोर्ट (SIR) प्रेषित की गईं।
इसी प्रकार जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बाल कल्याण समिति को मई में 08, जून में 05, जुलाई में 09 तथा अगस्त में 06 सहित कुल 28 सामाजिक अन्वेषण रिपोर्ट प्रेषित की गईं। मई से अगस्त तक क्रमशः 07, 01, 13 एवं 12 सहित कुल 33 बच्चों की काउंसलिंग भी की गई।
जिलाधिकारी ने बाल विवाह की रोकथाम, पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामलों में आवश्यक सहयोग, देखरेख एवं पुनर्वास, दत्तक ग्रहण प्रक्रिया तथा किशोर न्याय से जुड़े मामलों में निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संकटग्रस्त अथवा संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग तत्काल सक्रिय होकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए बाल संरक्षण के साथ-साथ बाल सेवा योजना एवं कन्या सुमंगला योजना का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे एवं बालिका तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी व अन्य संबंधित अधिकारी / कर्मचारीगण उपस्थित रहें।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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