कष्टों व परेशानियों से डरें नहीं
-- डा. भारती गाँधी, संस्थापिका-निदेशिका, सी.एम.एस.
लखनऊ, 7 सितम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, प्रधान कार्यालय में आयोजित ‘आध्यात्मिक सत्संग सभा’ की अध्यक्षता करते हुए सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. भारती गाँधी ने कहा कि ‘मनुष्य को अपने दुर्भाग्य से भय नहीं लगना चाहिए क्योंकि ईश्वर जब मनुष्य परीक्षा लेता है तो उसे कष्ट देता है, इसका मतलब यह नहीं कि वह हमसे प्यार नहीं करता बल्कि वह चाहता है कि आप अपने आपको हर स्थिति के लिए तैयार रखें। दुर्भाग्य आया है तो सौभाग्य भी आयेगा, इसलिए हम चाहे जिस भी स्थिति में रहें हम अपने ईश्वर को हमेशा याद करते रहें। जो सुख में ईश्वर को याद करता है उसे दुख नहीं हो सकता।’ सत्संग सभा में श्री राबर्ट गांधी समेत 60 से अधिक विभिन्न धर्मानुयाई उपस्थित रहे।
आगे बोलते हुए डा. गाँधी ने कहा कि यदि मनुष्य मोक्ष की इच्छा रखता है तो उसे ईश्वर के ज्ञान पर विश्वास करना चाहिए और उसकी शिक्षा का पालन करना चाहिए। जरूरतमंदों की मदद करना ईश्वर की सबसे बड़ी सेवा है। डा. गाँधी ने अभिभावकों का आह्वान किया कि अभिभावक अपने बच्चों को आध्यात्मिक शिक्षा प्रदान करें और उन्हें पवित्र ग्रन्थों में दी गई शिक्षाओं के अनुपालन हेतु प्रेरित करें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षा के माध्यम से विश्व-एकता, विश्व शान्ति और विश्व सरकार बनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
श्री राबर्ट गांधी ने इस अवसर पर कहा कि प्रार्थना के माध्यम से असम्भव कार्य भी सम्भव हो सकते हैं। हमें हर स्थिति में स्वयं को स्थिर रखना चाहिए। एक अन्य वक्ता ने कहा कि मनुष्य को अपनी परेशानियों से डरना नहीं चाहिए बल्कि प्रभु पर विश्वास करना और अच्छे के लिए प्रतिक्षा करना चाहिए। इसी प्रकार, एक और वक्ता का कहना था कि जब तक आप ईश्वर के बताये रास्ते पर नहीं चलते, तब तक आप परमात्मा से नहीं जुड़ सकते हैं। सत्संग का समापन प्रार्थना ‘हे मेरे परमात्मा... ’ एवं सुमधुर गीत ‘आज विश्व को नये विचार चाहिए’ के गायन एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

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